चूंकि आधिकारिक तौर पर नियुक्ति के आदेश जारी नहीं हुए थे। ऐसे में विजयवर्गीय ने फिर ट्वीट कर नियुक्ति की गलत खबर पर सफाई पेश करते हुए गलती मानी और पिछला ट्वीट डिलीट कर दिया। इस घटनाक्रम पर शनिवार को अमर उजाला ने इंदु गोस्वामी से फोन पर बात कर उनका पक्ष जानना चाहा तो उन्होंने कहा कि इस संबंध में आपको संगठन से पूछना चाहिए। मैं इस विषय पर कुछ नहीं बोलना चाहती हूं।
अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने खुद कहा कि इस संबंध में पवन राणा जी से पूछो, उनसे पूछो। अमर उजाला ने उनके इस बयान के आधार पर खबर प्रकाशित कर दी। खबर छपने के बाद पार्टी के अंदर ही सियासी भूचाल मच गया। दरअसल, पवन राणा को लेकर कुछ दिन पूर्व विधायक व कुछ नेता मुखर हुए थे। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को यह विवाद सुलझाना पड़ा। अब राणा पर ही बयान देने पर विवाद बढ़ा तो इंदु अपने बयान से पलट गईं।