हिमाचल प्रदेश सचिवालय कर्मचारियों के खिलाफ प्रिविलेज मोशन पर विधानसभा अध्यक्ष के निर्देश पर राज्य सरकार से फिर जवाबतलब किया गया है। विधानसभा सचिवालय ने सचिव सामान्य प्रशासन को फिर पत्र भेजा है, जिसके अनुसार निश्चित समय बीत जाने पर भी वांछित सूचना नहीं दी गई है। इस पत्र को समय पर जवाब नहीं मिलने पर राज्य विधानसभा अध्यक्ष ने संज्ञान लिया है।
राज्य विधानसभा के सचिव यशपाल शर्मा ने इस संबंध में सचिवालय प्रशासन के सचिव राकेश कंवर को एक पत्र भेजकर नगर एवं ग्राम नियोजन मंत्री से प्राप्त भारत के संविधान के अनुच्छेद 194 के तहत विशेषाधिकार हनन का नोटिस के बारे में जवाब देने को कहा है। इसमें लिखा है कि सात सितंबर 2024 को इस संबंध में एक पत्र भेजा गया था, जिसके बारे में सचिव का ध्यान आकर्षित किया जाता है। इसमें लिखा गया है किइस सूचना को एक सप्ताह के भीतर भेजा जाए, जिसकी इसकी जानकारी विधानसभा अध्यक्ष को दी जा सके।
धर्माणी ने कर्मचारी नेताओं के खिलाफ की है विशेषाधिकार हनन की शिकायत
तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने राज्य सचिवालय के कर्मचारी नेताओं के खिलाफ इस संबंध में विशेषाधिकार हनन की शिकायत की है। उनका आरोप है कि सचिवालय में गेट मीटिंग के दौरान कर्मचारी संगठन के नेताओं ने उनके खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की। एक विधायक की गरिमा का ध्यान नहीं रखा गया। उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष से इन कर्मचारी नेताओं के खिलाफ विशेषाधिकार हनन के तहत कार्रवाई करने को कहा। इन कर्मचारी नेताओं में सचिवालय कर्मचारी संगठन के अध्यक्ष और अन्य नेता शामिल हैं।
गेट मीटिंग करने से खूब चर्चा में रहे संजीव शर्मा
वर्ष 2024 में कर्मचारियों को एरियर और महंगाई भत्ता दिलाने की मांग को लेकर गेट मीटिंग करने से संजीव शर्मा खूब चर्चा में रहे। मंगलवार को इस रिमाइंडर पर संजीव शर्मा ने टिप्पणी करने से इंकार किया। संजीव शर्मा ने कहा कि हिमाचल प्रदेश सचिवालय सेवाएं कर्मचारी संगठन महासंघ के लिए वर्ष 2024 संघर्षपूर्ण रहा। महासंघ के कर्मचारी सचिवालय के कर्मचारियों के साथ-साथ प्रदेश के कर्मचारियों से जुड़े मुद्दों को प्रशासन और सरकार के समक्ष प्रभावी ढंग से रखा। वर्ष 2016 से दिए नए वेतनमान के एरियर का भुगतान, महंगाई भत्ते की बकाया राशि जारी करने, खाली पदों को आरएंडपी रूल्स के हिसाब से भरने, कर्मचारियों को देय विभिन्न भत्तों को समय के हिसाब से संशोधित करने आदि के बारे में मुद्दे उठाए। महासंघ को दो बार सचिवालय में आम सभा का आयोजन भी करना पड़ा। इसके लिए प्रदेश के समस्त कर्मचारियों, अधिकारियों एवं पेंशनर्स धारकों का भरपूर समर्थन प्राप्त हुआ। समस्त अधिकारियों, कर्मचारियों एवं पेंशन धारकों को लगभग 600 करोड़ रुपए की सौगात प्राप्त हुई, जिसमें डीए की 4 प्रतिशत की किस्त जारी की गई। वर्ग 4 के कर्मचारियों को सशोधित वेतनमान के एरियर का ₹20000 की किस्त जारी करना, सेवानिवृत कर्मचारियों व अधिकारियों के बकाया चिकित्सा बिलों के भुगतान इत्यादि शामिल है।