प्रदेश भर में सर्दियों की छुट्टियों के समाप्त होने के बाद आठ फरवरी से कॉलेज खोले जाने हैं। छात्रावास खुलेंगे या नहीं। इस पर अभी स्थिति साफ नहीं है। यूजीसी के उच्च शिक्षण संस्थानों को खोले जाने को जारी दिशा निर्देशों के अनुसार ही कॉलेज खोलने के इंतजाम करने होंगे और पूर्व में केंद्र सरकार की ओर से जारी एसओपी को फॉलो करना होगा।
यूजीसी की गाइडलाइन में छात्रावास खोलने पर एक कमरे में एक छात्र को ठहराने की व्यवस्था करने को कहा गया है। यदि ऐसा करना पड़ा तो प्रदेश भर के छात्रावास की सुविधा वाले कॉलेजों में पहले से रह रहे दूरदराज के छात्रों को कैसे छात्रावास आवंटन होगा।
एक कमरे में एक छात्र के ठहराने से शेष छात्रों को सुविधा देना मुश्किल होगा। कॉलेज प्रशासन भी इसको लेकर अभी स्थित साफ नहीं कर पा रहा है। राजधानी शिमला के संजौली कॉलेज के 70 कमरों में करीब डेढ़ सौ छात्र ठहरते हैं। यूजीसी के दिशा निर्देशों को लागू किया तो सिर्फ 70 छात्रों को ही छात्रावास मिल पाएगा। आरकेएमवी में भी स्थिति यही होगी।
आरकेएमवी की प्राचार्य डॉ. नवेंदु शर्मा ने माना कि छात्रावास खोले जाने को लेकर विभाग से दिशा-निर्देश लेंगे, उसके बाद ही छात्रावास खोल पाएंगे। संजौली कॉलेज प्राचार्य डॉ. सीबी मेहता ने कहा कि कॉलेज खोले जाने को लेकर पूरा प्लान बनेगा। छात्रों की संख्या के आधार पर एसओपी के अनुरूप इंतजाम किए जाएंगे। कक्षाओं को संचालित करने की प्लानिंग की जाएगी।