नई दिल्ली में मुलाकात के दाैरान पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने भी आरडीजी के मुद्दे को उचित मंच पर रखने का आश्वासन दिया। सीएम सुक्खू ने कहा कि हिमाचल प्रदेश देश की अर्थव्यवस्था को 90 हजार करोड़ रुपये की पारिस्थितिक सेवाएं दे रहा है। यह खुलासा भारतीय वन प्रबंधन संस्थान की रिपोर्ट में हुआ है। प्रदेश के संसाधनों पर उनका अधिकार है और वे इसके लिए पूरी मजबूती से लड़ेंगे। पी. चिदंबरम ने बताया कि संविधान के अनुच्छेद 275(1) के तहत राज्यों की आय और व्यय की स्थिति को ध्यान में रखने का प्रावधान है। सुक्खू ने कहा कि पूर्व भाजपा सरकार को पांच वर्षों में 70,000 करोड़ रुपये मिले। यदि उनमें से 40,000 करोड़ कर्ज चुकाने में लगाते, तो आज प्रदेश कर्ज के जाल में नहीं फंसा होता। पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को बताना चाहिए कि 70,000 करोड़ रुपये कहां खर्च हुए और किसे इसका लाभ मिला। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार ने आवश्यकता के अनुसार ही अध्यक्ष और उपाध्यक्ष नियुक्त किए हैं, जो पिछली भाजपा सरकार की तुलना में आधे हैं।