राजधानी शिमला के अनाडेल मैदान में अत्याधुनिक चिनूक हेलीकॉप्टर उतारा गया। चीन सीमा पर नजर रखन के लिए सेना का यह अमह कदम बताया जा रहा है। शिमला के अनाडेल मैदान आर्मी ट्रेनिंग कमांड का स्थल है। चिनूक हेलीकॉप्टर में कई अत्याधुनिक सुविधाएं हैं। चंडीगढ़ बेस से उड़ान भरने के बाद चिनूक हेलीकॉप्टर ने अनाडेल मैदान में लैंड किया।
चिनूक दो रोटर वाला हैवीलिफ्ट हेलीकॉप्टर है। अमेरिका ने इसी हेलीकॉप्टर की मदद से ही अपने कई बड़े ऑपरेशन पूरे किए हैं। अमेरिकी कंपनी बोइंग द्वारा बनाए गए चार चिनूक सीएच-47आई हेलीकॉप्टर भारत आए हैं। ऐसे 15 हेलीकॉप्टर खरीदे गए हैं।
इस हेलीकॉप्टर में एकीकृत डिजिटल कॉकपिट मैनेजमेंट सिस्टम है। इसमें कॉमन एविएशन आर्किटेक्चर कॉकपिट और एडवांस्ड कॉकपिट जैसी विशेषताएं हैं। इस हेलिकॉप्टर में एक बार में गोला बारूद, हथियार के अलावा सैनिक भी जा सकते हैं। इसे राडार से पकड़ पाना मुश्किल है।
यह हेलीकॉप्टर भारी मशीनों, तोपों को उठाकर ले जा सकता है। 20000 फीट की ऊंचाई तक उड़ सकता है। यह 10 टन तक के वजन को उठाकर कहीं भी ले जा सकता है। यह 280 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से उड़ सकता है। इसकी ऊंचाई 18 फीट और चौड़ाई 16 फीट है।