पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के निधन से खाली हुई अर्की विधानसभा की सीट पर उनकी धर्मपत्नी पूर्व सांसद प्रतिभा सिंह की संभावित दावेदारी से क्षेत्र में सियासी हलचल बढ़ गई है। कांग्रेस और बीजेपी के दिग्गजों के अर्की में दौरे शुरू हो गए हैं। बीते दिनों भाजपा के प्रदेश प्रभारी अविनाश राय खन्ना अर्की पहुंचे तो बुधवार को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप राठौर ने अर्की का दौरा का मतदाताओं और टिकट के दावेदारों की टोह ली।
वीरभद्र सिंह के निधन के बाद उनके परिवार के किसी सदस्य को लेकर कांग्रेस इस सीट को सुरक्षित मानकर चल रही है। ऐसे में उनकी धर्मपत्नी और पूर्व सांसद प्रतिभा सिंह का नाम सामने आया है, लेकिन इस सीट पर प्रतिभा सिंह को उतारा जाता है तो दूसरी पंक्ति में खड़े टिकट के दावेदार नेताओं को झटका लगना तय है। यहां से प्रदेश कांग्रेस महासचिव संजय अवस्थी पहले भी एक मर्तबा 2012 में विस चुनाव लड़ चुके हैं, लेकिन उन्हें भाजपा के गोविंद राम से हारना पड़ा था। उसके बाद 2017 में वीरभद्र सिंह के चुनाव लड़ने पर उन्हें अपनी दावेदारी छोडनी पड़ी। वीरभद्र सिंह 6051 वोटों से इस चुनाव में विजयी रहे थे।
इधर, इस बार संजय अवस्थी के अलावा कई और भी दावेदार अर्की उपचुनाव को लेकर सक्रिय हैं। इनमें राजेंद्र ठाकुर का नाम भी शामिल है, जो वीरभद्र परिवार के करीबियों में गिने जाते हैं। पार्टी हाईकमान का इशारा प्रतिभा सिंह की ओर होने से सभी में सियासी खलबली मची हुई है। प्रदेश अध्यक्ष कुलदीप राठौर के दौरे का मुख्य मकसद भी यहां टिकट आवंटन के बाद सियासी संतुलन साधना है।
उधर, कांग्रेस प्रदेश महासचिव संजय अवस्थी ने कहा कि वह पार्टी के प्रति समर्पित हैं। पार्टी हाईकमान का जो भी आदेश होगा। उन्हें मंजूर होगा। उधर, प्रदेश कांग्रेस कमेटी सचिव राजेंद्र ठाकुर ने कहा कि वह पार्टी और वीरभद्र सिंह परिवार के साथ हैं। उनके लिए पार्टी का जो भी आदेश होगा, वह स्वीकार्य होगा।
वीरभद्र के परिवार का पहला हक : राठौर
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर ने कहा कि हर कार्यकर्ता की इच्छा रहती है कि उसे टिकट मिले और वह विधानसभा पहुंचे। हालांकि यह फैसला हाईकमान के हाथ में होता है। अर्की में प्रेस वार्ता के दौरान कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर यह बात कही।
उन्होंने कहा कि विधानसभा क्षेत्र में उपचुनाव की सरगर्मियां तेज हैं। दिवंगत वीरभद्र सिंह के बाद अर्की सीट से प्रत्याशी के तौर पर सबसे पहला हक उन्हीं के परिवार का बनता है। उन्होंने कहा कि पिछले दिनों उनकी वीरभद्र सिंह के परिवार से बात हुई थी लेकिन उन्होंने फिलहाल कोई जवाब नहीं दिया लेकिन उनसे अभी बात की जाएगी।