हिमाचल के हजारों सेब बागवानों को सरकारी क्षेत्र की आधुनिक कोल्ड चेन सुविधा मिलेगी। केंद्र की वित्तीय मदद से पायलट प्रोजेक्ट के तहत कंट्रोल्ड एटमासफेयर (सीए) स्टोर और प्री कूलिंग व्यवस्था भी उपलब्ध होगी। सीए स्टोरों में बागवानों की फसलों को करीब नौ माह तक सुरक्षित रखा जा सकेगा।
इसके अलावा बागवानों के बगीचों के समीप प्री कूलिंग चैंबर बनाकर फलों को कुछ दिन तक सुरक्षित रखने की व्यवस्था भी रहेगी। इसके बाद इसे सीए स्टोरों में भेजा जाएगा। फलों को रेफ्रीजरेटर वैन के माध्यम से गंतव्य तक पहुंचाया जाना है।
शिमला के पराला में 59 करोड़ के पायलट प्रोजेक्ट को केंद्र सरकार और प्रदेश कृषि विपणन बोर्ड की वित्तीय भागीदारी से कोल्ड चेन सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। बोर्ड बैंक ऋण भी प्रोजेक्ट के लिए लेगा। बताते हैं कि इस पायलट प्रोजेक्ट की सफलता के बाद सरकार राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में नौ परियोजनाओं में काम शुरू करेगी। केंद्रीय फूड प्रोसेसिंग मंत्रालय प्रोजेक्ट के लिए 10 करोड़ की धनराशि दे रहा है। शेष राशि एपीएमसी को जुटानी होगी।
एपीएमसी अभी तक सब्जी और फल मंडियां ही विकसित करता रहा है। यह पहला सीए स्टोर विकसित किया जा रहा है। इससे बागवानों को अपनी तैयार फसलें कुछ समय तक सुरक्षित रखना की सुविधा मिल पाएगी।
प्रदेश मार्केटिंग बोर्ड के प्रबंध निदेशक नरेश ठाकुर कहते हैं कि सीए स्टोर और कोल्ड चेन का यह पहला पायलट प्रोजेक्ट 59 करोड़ की लागत से तैयार किया जा रहा है। इसमें केंद्र और एपीएमसी की भागीदारी भी होगी और बैंक से थोड़ा ऋण भी ले रहे हैं। इसी पायलट प्रोजेक्ट के आधार पर प्रदेश के नौ अन्य स्थानों पर विभिन्न प्रोजेक्ट भी चलाए जाएंगे।