राष्ट्रगान के अपमान का झूठा आरोप लगाने पर माफी मांगें सीएम : परमार
भाजपा विधायक एवं पूर्व विधायक विपिन सिंह परमार ने राष्ट्रगान को लेकर मुख्यमंत्री सुक्खू की ओर से विपक्ष पर लगाए गए आरोपों को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। मंगलवार को विधानसभा परिसर में प्रेस वार्ता करते हुए परमार ने कहा कि मुख्यमंत्री ने सदन के भीतर और प्रदेश की जनता के सामने गलत तथ्य प्रस्तुत किए। अब वीडियो सामने आने के बाद सच्चाई पूरी तरह स्पष्ट हो चुकी है। मुख्यमंत्री ने अपनी आदत के हिसाब से सदन में भी झूठ बोला। मुख्यमंत्री भाजपा को बदनाम करने के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं। वह भाजपा नेता, भाजपा सरकार की योजनाओं को भी इसी तरह बदनाम कर रहे हैं। मुख्यमंत्री को इसके लिए माफी मांगनी चाहिए।
परमार ने कहा कि सदन की परंपराओं के अनुरूप जब राष्ट्रगान हुआ, तो विपक्ष के सभी विधायकों ने अपनी जगह पर खड़े होकर पूरे सम्मान के साथ भाग लिया। इसके बाद विपक्ष की ओर से नियमों और हाल में जारी प्रोटोकॉल का हवाला देते हुए राष्ट्रगीत को भी पूरे सम्मान के साथ गाए जाने की मांग रखी गई। उन्होंने कहा कि जब विपक्ष ने यह विषय प्वाइंट ऑफ ऑर्डर के माध्यम से उठाया तो सत्ता पक्ष की ओर से ऐसा माहौल बनाने का प्रयास किया गया, मानो राष्ट्रगीत के सम्मान की बात करना ही गलत हो। विपक्ष ने बार-बार स्पष्ट किया कि परंपराएं समय के साथ बनाई और स्थापित की जाती हैं तथा देश में राष्ट्रीय गीत के सम्मान की अपनी परंपरा रही है। भाजपा विधायक ने कहा कि 15 अगस्त को देशभर में और हिमाचल प्रदेश में राष्ट्रगीत पूरे सम्मान के साथ गाया गया। ऐसे में विपक्ष के विधायकों पर राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत के अपमान का आरोप लगाना पूरी तरह निराधार है।