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हिमाचल के मंत्री और विधायक बोले- देश के लिए बलिदान देने को तैयार

Sat, 16 Feb 2019 11:20 AM IST
अरविन्द ठाकुर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
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विधानसभा में शुक्रवार को शहीद जवानों के शोक प्रस्ताव पर आईपीएच मंत्री महेंद्र सिंह ने कहा कि वे सेना में सेवाएं दे चुके हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी युद्ध का फैसला ले रहे हैं तो वे दोबारा रणक्षेत्र में जाने को तैयार हैं। पाकिस्तान हरकत छोड़ दे, अन्यथा गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।

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आतंकियों ने कायराना हरकत की है। 1971 में पूर्वी पाकिस्तान हाथ से चला गया था। 91 हजार पाकिस्तानी जवानों ने आत्मसमर्पण किया था। वर्ष 1999 में भी पाकिस्तान को मुंह की खानी पड़ी थी।

विधायक विक्रम जरियाल ने कहा कि एक प्रस्ताव केंद्र को भेजा जाए कि सीधे एक्शन पाकिस्तान पर किया जाए। उन्होंने चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ को पत्र भेजा है कि अगर मेरी जरूरत पड़े तो मैं भी देशसेवा में आने को तैयार हूं।  
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मंत्री गोविंद ठाकुर ने कहा कि बाहर के दुश्मन से लड़ना आसान है। देश के भीतर आतंकियों पर सख्ती से कार्रवाई की जानी चाहिए। कर्नल इंद्र सिंह ने कहा कि  स्थानीय वाहन और स्थानीय युवक का इस्तेमाल किया गया, जो दुर्भाग्यपूर्ण है। यह झकझोरने वाली घटना है। 

सेना और देश के लिए काला दिवस

कर्नल धनीराम शांडिल ने कहा कि यह सेना और देश के लिए काला दिवस है। यह प्रॉक्सी वार ही है। यह काफी गंभीर मामला है। इससे पहले संसद में भी हमला हुआ था। यह कायराना हमला है। युद्ध हल नहीं है।

विधायक नंदलाल ने कहा कि आतंकवाद की समस्या से निजात पाना जरूरी है। आतंकवाद के लिए नशा बच्चों को देते हैं। ये वापस नहीं लौट पाते और आतंकी बन जाते हैं। सरकार बातचीत का रास्ता भी अपनाए।

विधायक राकेश पठानिया ने कहा कि शहीद की पत्नी सावित्री का बड़ा बेटा 2 साल का है और छोटा बेटा 30 दिन का है। तीस साल का जवान शहीद हुआ है और मैं उसे नमन करता हूं।

शहीद के परिवारों के लिए बीस लाख की धनराशि घोषित की है। आतंकवाद अंतिम चरण में है। विधायक विक्रमादित्य ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जो भी कदम उठाएंगे, पूरा देश उनके साथ है। कश्मीर देश का अभिन्न अंग है। इंसानियत पर भी कार्य करने की जरूरत है।  

आतंकी हमले से देश आहत : वीरभद्र

विधायक आशीष बुटेल ने कहा कि यह समझ नहीं आ रहा कि चूक कहां हुई? सैनिकों ने हमें और देश को सुरक्षा देने को शहादत दी। सभी शहीदों के परिवारों के साथ हैं। 

विधायक लखविंद्र राणा ने कहा कि पाकिस्तान ऐसी हरकतें करता रहा है। केंद्र सरकार को इसे रोकना चाहिए। हिमाचल के जवान शहीद हो रहे हैं। विधायक सुरेश कश्यप ने कहा कि आतंक पर शिकंजा कसना जरूरी है।

पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि पुलवामा में सीआरपीएफ जवानों पर आतंकी हमले से देश आहत है। इसका मतलब है कि अभी तक हमारी सीमा सुरक्षित नहीं है। यह घटना दुख की बात है। देश के जवानों पर गर्व है जो खतरों में रहकर देश की सेवा कर रहे हैं।
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आतंकवाद से अधिक सख्ती से निपटने की जरूरत : बिंदल

सिंघा ने किया शहीद परिवार की मदद का एलान
माकपा विधायक राके श सिंघा ने कहा कि यह दुखद घटना है। हमारी कमजोरी की फायदा उठाया गया है। शहीदों के परिवारों के साथ इस दुख की घड़ी में सभी को साथ खड़े होकर ताकत देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मैं भी अपनी ऐच्छिक निधि से  शहीद के परिजनों को धनराशि देने की घोषणा करता हूं। इस धनराशि को सार्वजनिक नहीं किया जाए।

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने शहीद जवानों को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि इस शोक प्रस्ताव में स्वयं को शामिल करता हूं।  1965 और 1971 के युद्ध में पाकिस्तान के टुकड़े हुए हैं। चालीस साल में देश के कुल 70 हजार जवान शहीद हुए हैं। उन्होंने कहा कि कश्मीर में आतंकवाद से अधिक सख्ती से निपटने की जरूरत है। देश का नेतृत्व सजग है और  सेना सुरक्षित है। पूरा देश व्यथित और क्रोधित है। विधानसभा परिसर शोकग्रस्त है। इन शहीदों की आत्मा की शांति की प्रार्थना करते हैं।   
 
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