पर्यावरण विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के सहयोग से साडा (विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण) कुफरी में वेस्ट टू एनर्जी प्लांट लगा रहा है। समर टूरिस्ट सीजन से पहले अप्रैल में प्लांट के ट्रायल का लक्ष्य रखा है। कुफरी में सैलानियों को हॉर्स राइडिंग करवाने के लिए करीब 1240 घोड़े पंजीकृत हैं। इनकी लीद के कारण फैलने वाली दुर्गंध से सैलानियों को परेशानी होती है। पर्यावरण को भी नुकसान पहुंच रहा है।
आसपास के पेयजल स्रोत भी गंदगी के कारण दूषित हो रहे हैं।पर्यावरण विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के प्रिंसिपल साइंटिफिक ऑफिसर (इन्वायरनमेंट) डॉ. सुरेश सी अत्री ने बताया कि घोड़ों की लीद की समस्या के समाधान को करीब साढ़े तीन करोड़ से कुफरी में वेस्ट टू एनर्जी प्लांट तैयार कर दिया है। इस प्लांट में घोड़ों के अपशिष्ट और कचरे से मीथेन और सीएनजी गैस बनाने की योजना है। मीथेन गैस को पाइप लाइन से कुफरी के होटलों तक पहुंचाया जाएगा।
सीएनजी गैस से गोल्फ कार्ट का संचालन करने की योजना है। पीपीपी मोड पर वेस्ट टू एनर्जी प्लांट लगाया जाना है। जिस कंपनी के साथ एमओयू हुआ है, उसने अपने जयपुर में प्लांट बनाकर तैयार कर लिया है। कुफरी में जिस स्थान पर प्लांट लगाया जाना प्रस्तावित है, वहां अभी बर्फ है। इसलिए बर्फ पिघलने के बाद अप्रैल तक प्लांट स्थापित कर ट्रायल किया जाएगा। कुफरी पंचायत की प्रधान अंजना चौहान ने बताया कि कुफरी बाजार से चीनीबंगला जाने वाले रास्ते में प्लांट लगाने की योजना है।
पर्यावरण संरक्षण के लिए लगा रहे प्लांट : राणा
पर्यावरण विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के निदेशक डीसी राणा ने बताया कि कुफरी में घोड़ों की लीद की समस्या के स्थायी समाधान के लिए वेस्ट टू एनर्जी प्लांट स्थापित किया जा रहा है। पर्यावरण संरक्षण के लिए प्लांट में घोड़ों के अपशिष्ट से मीथेन और सीएनजी गैस बनाई जाएगी।