सदन में संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू।
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मानसून सत्र में मंगलवार को अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) को सरकारी नौकरियों, प्रशिक्षण संस्थानों और मेडिकल शिक्षा में आरक्षण का मुद्दा जोरदार ढंग से गूंजा। भाजपा विधायक सुखराम चौधरी द्वारा उठाए गए सवाल पर मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने विपक्ष पर पलटवार करते हुए कहा कि भाजपा सरकार में मंत्री रहते हुए उन्होंने इस विषय पर कोई ठोस पहल क्यों नहीं की और अब राजनीतिक लाभ के लिए यह मुद्दा उठा रहे हैं।
प्रश्नकाल के दौरान मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि ओबीसी वर्ग के कल्याण के लिए कांग्रेस ने हमेशा अग्रणी भूमिका निभाई है। वर्तमान सरकार ओबीसी वर्ग की भावनाओं और हितों को ध्यान में रखकर कार्य कर रही है। इसी उद्देश्य से राज्य में ओबीसी आयोग का गठन किया गया है, जो विभिन्न पहलुओं का अध्ययन कर रहा है और अपनी सिफारिशों पर काम कर रहा है। सुक्खू ने सदन में स्पष्ट किया कि आरक्षण से जुड़े किसी भी निर्णय में सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइंस का पालन करना सरकार की संवैधानिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि उच्चतम न्यायालय ने कुल आरक्षण की सीमा 50 प्रतिशत से अधिक नहीं रखने के निर्देश दिए हैं, इसलिए सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर ही निर्णय लिया जा सकता है।