फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आपदा के जख्म: 20 दिन बाद भी नहीं मिले अपनों के शव, नितेश की हालत देख पसीज रहा हर किसी का दिल

Sun, 03 Sep 2023 04:17 PM IST
अरविन्द ठाकुर संवाद न्यूज एजेंसी, पंडोह (मंडी)

सार

लगभग 20 दिन बीत जाने के बाद भी शव नहीं मिल पा रहे हैं। आलम यह है कि अब नीतेश रोज सुबह 10 बजे हॉस्पिटल से सांबल पहुंच जाता है और सर्च अभियान खत्म होने के बाद हॉस्पिटल अपनी मां के पास रहता है।
विज्ञापन
सांबल में अपने परिजनों की तलाश में जुटा नीतेश। - फोटो : संवाद
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

जिंदगी के खेल निराले हैं कि कभी एक पल में सबकुछ दे देती है तो कभी एक ही पल में सब कुछ ले लेती है। पंडोह के सांबल में बारिश के कारण मलबे में अपना परिवार गंवाने वाले नितेश की हालत कुछ इसी तरह की है। 14 अगस्त से लेकर दो सितंबर शनिवार शाम तक सांबल हादसे में लापता उसकी पत्नी, बेटी और बहन के शवों का अभी तक भी कोई सुराग नहीं लगा है।

विज्ञापन


ऐसे में अब उनका अंतिम संस्कार करने के लिए भी वह वंचित रह गया है। प्रशासन की ओर से लगाई मशीनों की ओर से सर्च अभियान शुरू कर दिया जाता है । प्रशासन के अधिकारी और एसडीआरएफ के जवान भी मौके पर मौजूद रहते हैं। आज लगभग 20 दिन बीत जाने के बाद भी उनके शव नहीं मिल पा रहे हैं।

हालांकि मशीनें नितेश के घर तक तो पहुंच गई हैं और वहां घर का कुछ सामान भी मिला है पर लापता शवों का कोई अता पता नहीं लग रहा है। उधर, उसकी मां का कई बार ऑपरेशन हो चुका है और अब भी नेरचौक मेडिकल कॉलेज में उपचाराधीन है।
विज्ञापन


आलम यह है कि अब नीतेश रोज सुबह 10 बजे नेरचौक से हॉस्पिटल से सांबल पहुंच जाता है और सर्च अभियान खत्म होने के बाद हॉस्पिटल अपनी मां के पास रहता है। उसका अब तक का समय इतना कठिन है कि हर किसी को उसकी इस हालत पर रोना आता है।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें