हिमाचल के जिला मंडी के कोटरोपी त्रासदी में आखिरकार प्रशासन और विभाग को चूक का अहसास हुआ है। प्रशासन ने कोटरोपी पहाड़ के संवेदनशील दायरे की सड़क के दोनों छोर पर पुलिस के जवान तैनात कर दिए हैं। यहां पुलिस की गश्त भी रहेगी। यदि पहाड़ फिर से दरकता है तो सड़कों पर यातयात और पैदल आवाजाही को रोक दिया जाएगा।
मंडी के कोटरोपी त्रासदी के बाद सब लेते हुए प्रदेश के एनएच में तमाम संवेदनशील प्वाइंटों पर इसी तरह की व्यवस्था करने के निर्देश पुलिस मुख्यालय से जारी हुए हैं। सूबे पर नेशनल हाइवे पर दरक रहे पहाड़ों की निगरानी अब पुलिस जवान करेंगे। रात के समय यह जवान सीटी बजाकर और परस्पर तालमेल से यातायात को नियंत्रित करेंगे।
सूबे के नेशनल हाइवे पर संवदेनशील पहाड़ों के दोनों ओर पुलिस के जवान तैनात किए जाएंगे। प्रदेश के नंबर वन अखबार अमर उजाला ने 15 अगस्त के संस्करण में गांव खाली करा लिए तो ट्रैफिक क्यों नहीं रोका शीर्षक से खबर छाप कर प्रशासन और पुलिस की नाकामियों को प्रमुखता से छापा था।
पहाड़ी के दोनों ओर पुलिस जवानों की तैनाती
जिसके तुरंत बाद एसडीएम पधर ने पुलिस अधीक्षक मंडी को पत्र लिखकर जवानों की तैनाती की मांग उठाई थी। एसपी मंडी ने यहां पर जवानों की तैनाती की आदेश जारी कर दिए हैं। पधर थाना के चार जवान यहां पर यातायात को नियंत्रित करने के लिए तैनात किए गए हैं।
इसके साथ ही मनाली-चंड़ीगढ़ एनएच पर दवाडा के समीप जवानों की तैनाती की गई है। एसडीएम पधर आशीष शर्मा ने कहा कि पहाड़ी के दोनों ओर पुलिस अधीक्षक मंडी से जवानों की तैनाती के लिए पत्र लिखा है।
पुलिस ने यहां पर जवान तैनात कर दिए हैं। रात के समय में यह जवान यातायात को नियंत्रित करने के साथ ही इस पहाड़ी की ओर जाने वाले लोगों को भी रोकेंगे।
रात आठ से सुबह छह बजे तक निगरानी
रात आठ बजे से सुबह छह बजे तक एनएच पर अति संवेदनशील जगहों पर हर ओर दो पुलिस जवान डयूटी देंगे। यह जवान सीटी बजाकर और परस्पर तालमेल से लैंडस्लाइड की संभावनाओं पर नजर रखते हुए यातायात को नियंत्रित करेंगे। इसके अलावा कोटरोपी के समीप पहाड़ी के दोनों ओर अब पुलिस के चार जवान तैनात होंगे।
एसपी मंडी अशोक कुमार ने कहा कि मनाली-चंडीगढ़ एनएच 21 पर दवाडा के समीप और मंडी-पठानकोट एनएच 154 पर कोटरोपी के समीप जवानों की तैनाती की गई है। उन्होंने कहा कि एनएच 154 पर अभी तक यातायात बहाल नहीं किया गया है।
यहां पर जियोलॉजीकल सर्वे की टीम की सलाह के बाद ही यातायात बहाल किया जाएगा। इसके अलावा एनएच पर जहां भी अति संवेदनशील स्लाडिंग जोन हैं वहां पर यातायात को नियंत्रित करने के लिए जवान तैनात होंगे। ताकि, इस तरह के हादसे पेश न आएं। इस संबंध में निर्देश मिले हैं।