फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हिमाचल: औद्योगिक भांग उगाने के लिए प्रति बीघा 2000 रुपये लाइसेंस शुल्क, दिशा-निर्देश जारी

Sat, 25 Jul 2026 06:00 AM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।

सार

प्रदेश सरकार ने औद्योगिक भांग की खेती से लेकर प्रसंस्करण, भंडारण, अनुसंधान और परिवहन तक की पूरी लाइसेंस व्यवस्था अधिसूचित कर दी है। 
विज्ञापन
भांग के पाैधा। - फोटो : संवाद
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

 हिमाचल प्रदेश सरकार ने औद्योगिक भांग की खेती से लेकर प्रसंस्करण, भंडारण, अनुसंधान और परिवहन तक की पूरी लाइसेंस व्यवस्था अधिसूचित कर दी है। राज्य सरकार की नई व्यवस्था के तहत अब भांग का उपयोग केवल औद्योगिक, वैज्ञानिक और औषधीय उद्देश्यों तक सीमित रहेगा, जबकि नशीले उत्पादों के रूप में इस्तेमाल होने वाले गांजा और चरस पर प्रतिबंध यथावत रहेगा। कर एवं आबकारी विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार औद्योगिक भांग की खेती के लिए किसानों को प्रति बीघा 2,000 रुपये वार्षिक लाइसेंस शुल्क देना होगा।

विज्ञापन
Trending Videos

कम शुल्क रखने से अधिक किसान इस फसल की ओर आकर्षित होंगे
सरकार का मानना है कि अपेक्षाकृत कम शुल्क रखने से अधिक किसान इस नई नकदी फसल की ओर आकर्षित होंगे। इससे पारंपरिक खेती के साथ-साथ आय के नए स्रोत भी विकसित हो सकेंगे। राज्य सरकार ने भांग आधारित उद्योगों के लिए भी स्पष्ट शुल्क ढांचा तय किया है। भांग से फाइबर, वस्त्र, कॉस्मेटिक, निर्माण सामग्री और अन्य उत्पाद बनाने वाली प्रोसेसिंग एवं मैन्युफैक्चरिंग इकाइयों को 10 लाख रुपये वार्षिक लाइसेंस शुल्क देना होगा। इससे यह सुनिश्चित किया जाएगा कि इस क्षेत्र में केवल गंभीर निवेशक और स्थापित उद्योग ही प्रवेश करें।
विज्ञापन

इकाइयों को 10 लाख वार्षिक शुल्क पर मिलेगा एकीकृत लाइसेंस
नई नीति का सबसे महत्वपूर्ण प्रावधान उन कंपनियों के लिए है जो भांग की खेती से लेकर उत्पाद निर्माण तक पूरी प्रक्रिया स्वयं संचालित करना चाहती हैं। ऐसी इकाइयों को 10 लाख रुपये वार्षिक शुल्क देकर एकीकृत लाइसेंस लेना होगा। इससे खेती, प्रोसेसिंग और विनिर्माण गतिविधियों को एक ही ढांचे के तहत संचालित किया जा सकेगा। भंडारण के लिए सरकार ने 10,000 रुपये वार्षिक लाइसेंस शुल्क तय किया है। वहीं अनुसंधान और विश्लेषणात्मक परीक्षण के लिए कार्य करने वाले संस्थानों को एक लाख रुपये शुल्क देना होगा। कटाई के बाद भांग के परिवहन के लिए प्रत्येक परमिट पर 2,000 रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है। भांग के रेशे से कपड़े, रस्सियां, बैग, कागज और निर्माण सामग्री तैयार की जाएगी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें