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लैंडस्लाइड हादसा: ड्राइवर की सूझबूझ ने बचा ली कई जानें, पढ़िए खुद इनकी जुबानी

Mon, 14 Aug 2017 03:34 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, कोटरोपी (मंडी)
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हिमाचल के मंडी जिले में नेशनल हाईवे पर लैंडस्लाइड से मलबे में दबी बसों में 48 लोग जान गंवा चुके हैं। एचआरटीसी की मनाली से कटड़ा जाने वाली बस को रूटीन की तरह चालक विरेंद्र चला रहा थ। सवा बारह बजे के करीब कोटरोपी के समीप पहुंचते ही सड़क पर मलबा गिर रहा था।
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उसने बस वहीं पर खड़ी कर दी। चार सवारियों और परिचालक के साथ वह मलबा और सड़क की हालत देखने नीचे उतर गया। लेकिन गिर रहे मलबे से वह खतरे की स्थिति भांप गया।

वह तुरंत बस में सवार हुआ और गाड़ी बैक करते-करते सवारियों को बाहर निकलने के लिए आगाह करने लगा। इतने में इस बस को भी मलबे ने अपनी चपेट में ले लिया। चालक ने बताया कि उस वक्त गाड़ी में कुछ सवारियां मौजूद थीं। 
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तभी बस में गिरने लगा मलबा

तभी बस में मलबा गिरने लगा। वह बस से कूद गया। लेकिन तीन सवारियां फंस गईं। इनमें से दो की मौत हो गई है। एक नर्सिगिं स्टूडेंट स्वीटी को तीन घंटे की मशक्कत के बाद स्थानीय लोगों की मदद से निकाला।

चालक ने पीछे से आ रहे बाइक सवारों रोका अन्य गाडि़यों को भी रोका। बाइक पर सवार एक युवक मलबे की चपेट में आया गया। अन्य बाइक सवारों ने उसको निकालने की कोशिश की, लेकिन मलबे की भयंकर गर्जना को देखकर वह आगे नहीं जा सके। इससे युवक मलबे में लापता हो गया।
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हाईवे का 200 मीटर धंसा

कोटरोपी में पहाड़ दरकने से पठानकोट-मनाली एनएच का करीब 200 मीटर हिस्सा पूरी तरह से धंस गया है। मार्ग पूरी तरह से बाधित है। वहीं प्रशासन ने मंडी जोगिंद्रनगर और मंडी-मनाली पर भूस्खलन के खतरे को देखते हुए अलर्ट जारी कर दिया गया है।

देर रात तक मंडी पठानकोट मार्ग खुलने की संभावना नहीं है। छोटी गाडि़यां वाहा झटिंगरी और घोघरधार होकर पधर नौहली जोगिंद्रनगर मार्ग से जा रही है।

लेकिन वह रास्ते भी खतरे से खली नहीं है। बसों को भी इसी मार्ग से डायवर्ट किया जा रहा है। डीसी संदीप कदम ने कहा कि मौके पर प्रशासन डटा है।
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