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मंडी हादसा: सूचना मिलते ही रेस्कयू में जुटे सेना, एनडीआरएफ के जवान

Mon, 14 Aug 2017 09:09 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
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हिमाचल के जिला मंडी के कोटरोपी में भूस्खलन के बाद मलबे में यात्रियों से भरी दो बसों के दबने की सूचना के बाद सरकार एकाएक हरकत में आ गई और सर्च आपरेशन शुरू कर दिया। मौके पर एनडीआरएफ, पुलिस, होमगार्ड, सिविल डिफेंस और स्थानीय प्रशिक्षित लोगों बचाव कार्यों के लिए भेजा गया।
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मलबे से निकाले गए कई शवों की शाम तक पहचान हो गई थी तो कई की शिनाख्त करने की प्रक्रिया चली हुई थी। कुछ घायलों को आईजीएमसी शिमला के लिए रेफर कर दिया गया था। विशेष सचिव आपदा प्रबंधन डीडी शर्मा ने बताया कि कि दबे कई लोगों को निकाल दिया गया है।

घटना की सूचना मिलते ही कांगड़ा के जाछ और सुन्नी से एनडीआरएफ के जवानों की टुकड़ियों को मौके लिए रवाना कर दिया गया है। इसके अलावा सेना के जवान भी नूरपुर से स्पॉट के लिए पहुंच गए। शर्मा ने कहा कि मौके पर एनडीआरएफ के जवानों के अलावा
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पुलिस, होमगार्ड, सिविल डिफेंस, स्थानीय प्रशिक्षित लोग बचाव कार्य में लगे हैं। करीब 400 लोग इस काम में जुटे हुए हैं। मृतकों के शवों को निकालने का काम चल रहा है।  शर्मा ने कहा कि भूस्खलन के कारण दो बसें इस क्षेत्र में सड़क से नीचे 300 मीटर दूर तक मलबे के साथ दबते हुए चली गईं।
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400 अधिकारी और कर्मचारी जुटे

एक बस मनाली से कटरा (एचपी 63 5840) जा रही थी। इसमें जोगिंद्रनगर की सुरुचि (22), सरकाघाट की नेहा (22) और गुम्मा के विनोद कुमार की मौत हो गई। घायलों में मंजू (20) को शिमला रेफर किया गया है। शिमला से ही शुभम का मंडी अस्पताल में इलाज चल रहा है। सुप्रिया (19) को अस्पताल से डिस्चार्ज किया गया है। 

जोगिंद्रनगर से अनिता (23) को भी डिस्चार्ज कर दिया गया है। शिमला की ज्योति शर्मा को आईजीएमसी के लिए रेफर किया गया है। इसी तरह से दूसरी बस चंबा से मनाली जा रही थी। इसमें 19 टिकट तो स्टेशन टू स्टेशन ही कटे थे। इसमें काफी लोग सवार थे। डीडी शर्मा ने कहा कि सभी घायलों को फौरी राहत दे दी गई है। साथ ही जो मृतकों के  शव मिले हैं, उन्हें शिनाख्त के बाद परिजनों के सुपुर्द किया जा रहा है। 

अतिरिक्त मुख्य सचिव राजस्व तरुण श्रीधर ने भी कहा है कि आपदा प्रबंधन में राज्य सरकार के करीब 400 अधिकारी और कर्मचारी जुटे हुए हैं। श्रीधर ने कहा कि घटना की सूचना मिलते ही इस क्षेत्र में स्थानीय प्रशासन को बचाव कार्यों में लगा दिया गया है। 

उन्होंने कहा कि एनडीआरएफ  समेत तमाम तरह के संगठनों के अधिकारियों और कर्मचारियों की स्थानीय प्रशासन मदद ले रहा है। डीसी खुद मौके पर हैं। वे पूरी टीम के साथ सर्च आपरेशन और अन्य गतिविधियों में जुटे हैं और एसडीएम की अगुवाई में भी एक अन्य टीम मौके पर डटी है। मृतकों के शवों को ढूंढने का काम तेजी से चला हुआ है। 
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