चंबा-पठानकोट राष्ट्रीय उच्च मार्ग पर भूस्खलन।
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चंबा-पठानकोट राष्ट्रीय उच्च मार्ग पर कांदू के पास पहाड़ी दरकने से छह घंटे तक वाहनों की आवाजाही ठप रही। गनीमत यह रही कि पहाड़ी के मलबे की चपेट में कोई राहगीर या वाहन नहीं आया। हालांकि कांदू में सड़क किनारे बने आधा दर्जन खोखे इसकी चपेट में आने से तबाह हो गए। रविवार सुबह 4:00 बजे के करीब यह भूस्खलन हुआ। उस समय सड़क पर कोई वाहन या राहगीर नहीं गुजर रहा था।
साथ ही खोखों के अंदर भी कोई मौजूद नहीं था। अन्यथा जान माल का नुकसान हो सकता था। एनएच बाधित होने के कारण सड़क पर मणिमहेश यात्रा पर जाने वाले सैकडों श्रद्धालुओं के वाहन फंस गए। पंजाब से बाइकों पर आए श्रद्धालु और अन्य राज्यों से छोट वाहनों में सवार श्रद्धालु कांदू से आगे नहीं जा पाए। मार्ग अवरुद्ध होने की सूचना मिलने के बाद सुबह 9:00 बजे प्राधिकरण ने अपनी मशीनरी भेज दी।
सड़क पर मलबा और चीड़ के पेड़ सहित बड़े-बड़े पत्थर गिरे हुए थे। इन्हें हटाने में करीब छह घंटे का समय लग गया। सुबह जब 10:30 मार्ग यातायात के लिए बहाल हो पाया। उसके बाद मणिमहेश जाने वाले श्रद्धालु भरमौर की तरफ रवाना हो पाए। छह घंटे तक उन्हें सड़क किनारे रुकना पड़ा। एनएच के सहायक अभियंता कनव बड़ोत्रा ने बताया कि कांदू के पास भारी भूस्खलन होने से मार्ग अवरुद्ध हुआ था। इसे यातायात के लिए बहाल कर दिया गया है।