केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा और हिमाचल प्रदेश के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री कौल सिंह ठाकुर पीटरहॉफ में अगल-बगल बैठे थे। मौका था वीडियो कांफ्रेंसिंग से तीन राज्यों यूपी, आसाम और पंजाब में अमृत फार्मेसी के ऑनलाइन लोकार्पण का।
पहले कौल सिंह ठाकुर को मंच पर बोलने के लिए बुलाया गया तो उन्होंने नड्डा की जमकर तारीफ की। कौल सिंह ने कहा कि जब वे स्पीकर थे तो पहली बार जगत प्रकाश नड्डा विधानसभा में आए थे। वे बहुत अच्छे ओरेटर थे।
उन्हें हमने बेस्ट पार्लियामेंटेरियन का अवार्ड दिया था। वे केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हैं और लगातार हिमाचल की मदद कर रहे हैं। उन्होंने हमारे अनुरोध पर एनएचएम के बजट में बढ़ोतरी की, इसके लिए उनका धन्यवाद करते हैं।
वहीं, नड्डा बोले कि जब वे पहली बार विधानसभा में चुनकर आए थे तो कौल सिंह ठाकुर विधानसभा के अध्यक्ष थे। हमने लंबे समय तक साथ काम किया। कौल सिंह ठाकुर केंद्र सरकार की स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़ी योजनाओं को हिमाचल सरकार में लागू करवा रहे हैं।
ये बहुत अच्छी बात है। कौल सिंह ठाकुर ने प्रदेश सरकार की ओर से चलवाई जा रही दवा दुकानों में भी अमृत आउटलेट्स जैसा सहयोग देने की भी मांग उठाई, जिस पर नड्डा बोले कि इस पर विचार होगा।
निजी सेक्टर में भी खोली जाएंगी सस्ती दवा दुकानें: नड्डा
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने कहा कि हिमाचल में निजी सेक्टर में भी सस्ती दवाओं की दुकानें खोली जाएंगी। केंद्र सरकार इसकी संभावना तलाश रही है। हमें जगह चाहिए और हम रियायती दरों पर दवाएं और इलाज को सस्ते इंप्लांट दे देंगे। मकसद लोगों के लिए सस्ता और कारगर इलाज मुहैया करवाना है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के करीब साढे़ 32 लाख मरीजों को अमृत दवा स्टोरों के माध्यम से 375 करोड़ रुपये की दवाएं 130 करोड़ रुपये में बेची गई हैं। नड्डा शिमला स्थित राज्य अतिथि गृह पीटरहॉफ शिमला में संबोधित कर रहे थे। उन्होंने पीटरहॉफ से आसाम के गुवाहाटी, पंजाब के फरीदकोट और उत्तर प्रदेश के लखनऊ में 14 दवा दुकानों का वीडियो कांफ्रेंसिंग से ऑनलाइन लोकार्पण भी किया।
नड्डा बोले कि एम्स में डेढ़ साल पहले पहला अमृत रिटेल आउटलेट्स खोलने से शुरू किया गया ये सिलसिला आज काफी आगे पहुंच गया है। आईजीएमसी शिमला में सौवां रिटेल आउटलेट खोलने के बाद शतक लग रहा है। अफ्रीका महाद्वीप के लिए भारत में उत्पादित की जा रही दवाएं ही बड़ी मात्रा में जा रही हैं।
ऐसे में सोचा गया कि भारत में रोगियों को सस्ती दरों पर दवाइयां और इलाज का सामान पहले मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस योजना में 164 तरह की कैंसर की दवाएं और 191 दिल की दवाएं और कई तरह के सस्ते इंप्लांट मुहैया हो रहे हैं।
इनके रेट 50 से 90 फीसदी तक कम होंगे। दिल के इलाज और घुटनों की सर्जरी में इस्तेमाल होने वाले इंप्लांट भी सस्ती दरों पर दिए जा रहे हैं। कुल 5200 प्रकार की दवाओं को दिया जा रहा है।