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हिमाचल: जगत नेगी बोले- पहले होगा ओलावृष्टि से नुकसान का आकलन, फिर राहत पर फैसला

Thu, 07 May 2026 07:50 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।

सार

राज्य सचिवालय में मीडिया से बात करते हुए राजस्व मंत्री ने कहा कि प्रदेश में लगातार बदल रहे मौसम और मई महीने में भी बनी हुई ठंड ने बागवानी और कृषि क्षेत्र को प्रभावित किया है।
 
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बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने कहा कि मौसम की मार के नुकसान के आकलन के बाद राहत पर निर्णय होगा। कई जगहों पर ओलावृष्टि और खराब मौसम के कारण फ्लावरिंग प्रभावित हुई है। गुरुवार को राज्य सचिवालय में मीडिया से बात करते हुए राजस्व मंत्री ने कहा कि प्रदेश में लगातार बदल रहे मौसम और मई महीने में भी बनी हुई ठंड ने बागवानी और कृषि क्षेत्र को प्रभावित किया है। राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने कहा कि प्रदेश में हुए नुकसान का विस्तृत आकलन किया जा रहा है। रिपोर्ट आने के बाद ही राहत को लेकर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। शिमला सहित प्रदेश के कई क्षेत्रों में मौसम का असर फलों की फसलों पर साफ देखने को मिल रहा है। कई जगहों पर ओलावृष्टि और खराब मौसम के कारण फ्लावरिंग प्रभावित हुई है, जिससे बागवानों को नुकसान उठाना पड़ा है।

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जगत नेगी ने कहा कि सरकार की ओर से राहत राशि की व्यवस्था की जाती है, लेकिन यह सहायता सीमित होती है। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार से लगातार आग्रह किया जा रहा है कि वेदर बेस्ड फसल बीमा योजना से अधिक से अधिक बागवानों को जोड़ा जाए। प्रदेश में करीब साढ़े तीन लाख बागवान हैं, लेकिन इनमें से 75 हजार से भी कम लोगों ने फसल बीमा करवाया है। जिन किसानों और बागवानों ने बीमा लिया, उन्हें नुकसान की स्थिति में बेहतर सहायता मिली है। वर्ष 2023 और 2025 में प्राकृतिक आपदाओं के दौरान प्रदेश सरकार ने आर्थिक चुनौतियों के बावजूद प्रभावित लोगों और बागवानों को केंद्र से मिलने वाली राहत से कई गुना अधिक सहायता प्रदान की थी। हालांकि हर बार उसी स्तर पर राहत देना संभव नहीं हो पाएगा। राजस्व मंत्री ने कहा कि नगर निगम, पंचायत और जिला परिषद चुनावों को लेकर कांग्रेस का चुनाव प्रचार जल्द ही तेज होगा। चुनावों में विकास मुख्य मुद्दा है और सभी संस्थाओं को अपने अधिकार और उपलब्ध बजट के अनुसार कार्य करना चाहिए।
 
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