हिमाचल प्रदेश में कार्यरत शिक्षकों के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) उत्तीर्ण न कर पाने वाले शिक्षकों को सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार, अपनी योग्यता को पूरा करने के लिए अधिक समय दिया गया है। प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने इस संबंध में सभी जिला उपनिदेशकों (प्रारंभिक शिक्षा) को निर्देश जारी करते हुए ऐसे शिक्षकों का विवरण मांगा है और टेट योग्यता प्राप्त करने की समय-सीमा को बढ़ाकर 31 अगस्त 2028 कर दिया है।
सुप्रीम कोर्ट का आदेश और बढ़ी हुई समय-सीमा
शिक्षा निदेशालय द्वारा जारी किए गए पत्र के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट ने रिव्यू पिटीशन (सिविल) संख्या 53434/2025 में पारित एक महत्वपूर्ण आदेश के तहत, कार्यरत शिक्षकों को टेट उत्तीर्ण करने के लिए पूर्व में निर्धारित दो वर्ष की अवधि को बढ़ाकर तीन वर्ष कर दिया है। इसका सीधा अर्थ यह है कि अब संबंधित शिक्षकों को 31 अगस्त 2028 तक अनिवार्य रूप से टेट परीक्षा उत्तीर्ण करनी होगी। यह निर्णय उन शिक्षकों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है जो विभिन्न कारणों से पूर्व निर्धारित समय-सीमा में परीक्षा पास नहीं कर पाए थे।
जिला उपनिदेशकों को निर्देश: सूची तैयार करने का आदेश
इस नए निर्देश के परिपालन में, निदेशालय ने सभी जिला उपनिदेशकों को यह सुनिश्चित करने का आदेश दिया है कि वे अपने-अपने जिलों में कार्यरत ऐसे सभी टीजीटी (कला, नॉन-मेडिकल और मेडिकल) शिक्षकों की सूची एक सप्ताह के भीतर प्रस्तुत करें, जिन्होंने अभी तक टेट उत्तीर्ण नहीं किया है। इस सूची में शिक्षक का पूरा नाम, उनका पद, नियुक्ति की तिथि, और संबंधित विद्यालय का विस्तृत विवरण शामिल करने के निर्देश दिए गए हैं। यह जानकारी शिक्षकों की वर्तमान स्थिति का आकलन करने और भविष्य की योजनाएं बनाने में सहायक होगी।
प्रधानाचार्यों और मुख्याध्यापकों की भूमिका
सभी प्रधानाचार्यों और मुख्याध्यापकों को भी इस अनिवार्य शर्त के बारे में अपने अधीन कार्यरत शिक्षकों को सूचित करने और यह सुनिश्चित करने के लिए निर्देशित किया गया है कि वे निर्धारित समय-सीमा के भीतर टेट परीक्षा उत्तीर्ण कर लें। यह कदम यह सुनिश्चित करेगा कि सभी शिक्षक इस महत्वपूर्ण बदलाव से अवगत हों और अपनी तैयारी पर ध्यान केंद्रित करें।
विशेष टेट परीक्षाओं के आयोजन पर विचार
शिक्षकों को टेट परीक्षा उत्तीर्ण करने में सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से, शिक्षा निदेशालय ने हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड (HPBOSE) से भी अनुरोध किया है कि वे न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप, कार्यरत शिक्षकों के लिए वर्ष में कम से कम दो बार विशेष टेट परीक्षा आयोजित करने की संभावनाओं पर विचार करें। ऐसे विशेष आयोजनों से शिक्षकों को अपनी पात्रता हासिल करने के लिए अधिक अवसर मिलेंगे और वे समय रहते इस आवश्यकता को पूरा कर सकेंगे।