हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने मशोबरा के सायर मेले में झोटों (भैंसे) की लड़ाई करवाने के मामले में मुख्य सचिव सहित डीसी, एसपी, एसडीएम शहरी और सायर मेला कमेटी के प्रधान को नोटिस जारी कर दो हफ्ते में जवाब मांगा है।
कसुम्पटी निवासी सुनील मोहन जेटली की याचिका पर संज्ञान लेते हुए कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजय करोल और न्यायाधीश संदीप शर्मा की खंडपीठ ने यह आदेश जारी किए।
मामले के अनुसार गत 16 सितंबर को मशोबरा से करीब दो किमी दूर तलाई स्थित माता भद्रकाली के प्रांगण में झोटे लड़वाए गए थे। सुप्रीम कोर्ट के पशु क्रूरता रोकने को जारी आदेशों के बाद इस मेले में तीन साल से झोटों की लड़ाई बंद थी।
प्रार्थी ने कसुम्पटी के विधायक अनिरुद्ध सिंह को ऐसे गैरकानूनी कार्यक्रम में भाग लेने, सायर मेला कमेटी के सभी पदाधिकारियों को झोटों की लड़ाई का आयोजन करने, भगाली के बलदेव, घनाहट्टी के अमर सिंह, दहली से परस राम, शालाघाट से मस्त राम, नीन से
देवी राम, लड़ाई के लिए अपने झोटे लाने वालों समेत मौजूद सभी पुलिसवालों और सरकारी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।
प्रार्थी ने याचिका के साथ समाचार पत्रों में मामले से संबंधित छपी खबरों की कतरनें और सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की प्रति संलग्न की है। मामले पर सुनवाई दो हफ्ते बाद होगी।