हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने ठियोग तहसील की सैंज ग्राम पंचायत में प्रधान पद के चुनाव पर अगले आदेशों तक रोक लगा दी है। कोर्ट ने सुनवाई के दौरान पाया है कि सैंज पंचायत में प्रधान पद अन्य पिछड़े वर्ग के लिए आरक्षित है, जबकि इस पंचायत में ओबीसी का एक भी परिवार नहीं है। हाईकोर्ट में मामले पर सुनवाई 7 जनवरी को होगी।
न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान और न्यायाधीश ज्योत्स्ना रिवाल दुआ की खंडपीठ ने आरक्षण को चुनौती देने वाली याचिका पर अंतिम सुनवाई के दौरान उपरोक्त आदेश जारी किए हैं। कोर्ट ने अपने आदेशों में स्पष्ट किया है कि यह आदेश प्रार्थी की दायर याचिका कागजों पर आधारित है।
गांव टिक्करी निवासी राजिंदर शर्मा की दायर याचिका अनुसार पूरी पंचायत में ओबीसी का कोई भी परिवार नहीं है। बावजूद इसके वहां प्रधान पद ओबीसी के लिए आरक्षित कर दिया गया है। हाईकोर्ट ने प्रार्थी की ओर से कोर्ट के समक्ष रखे तथ्यों को प्रथम दृष्टया सही पाया।