गौरतलब है कि हाईकोर्ट को शिमला के संजौली वार्ड में स्थित दुर्गा गैस स्टोर के नीचे और एसपीएम स्कूल से सटे बन रहे मैदान के पास बंगला कॉलोनी में वन भूमि पर अतिक्रमण, पक्के पक्के फर्श (सीमेंटिंग), देवदार के पेड़ों को नुकसान पहुंचाने और कचरा फेंकने/जलाने के संबंध में एक प्रतिवेदन प्राप्त हुआ था।अदालत ने इस मामले में संज्ञान लेते हुए जिला कानूनी सेवाएं प्राधिकरण शिमला के सचिव और एसडीएम शिमला को इसका निरीक्षण करने का आदेश दिया।अदालत के आदेशों की बात डीएलएसए और एसडीएम की ओर से रिपोर्ट पेश की गई, जिसमें पाया गया कि उक्त क्षेत्र में 23 निर्माण वन भूमि पर और 10 निर्माण नगर निगम की भूमि पर अवैध रूप से किए गए हैं।
रिपोर्ट और हलफनामे के अनुसार, नगर निगम शिमला का वार्ड कार्यालय खसरा नंबर 464 पर बनाया गया है।इसे बिना कोई भवन योजना पास कराए तैयार किया गया। 17 अक्टूबर 2015 को इसका उद्घाटन किया गया था। वर्ष 2013 की अधिसूचना के तहत इस भूमि का स्वामित्व पहले ही वन विभाग को स्थानांतरित किया जा चुका था। इसके बावजूद नगर निगम ने लाखों रुपये की सार्वजनिक धनराशि खर्च करके यहां कार्यालय और सामुदायिक केंद्र/रीडिंग रूम का निर्माण कर दिया है।