हिमाचल हाईकोर्ट ने राजधानी शिमला समेत प्रदेश के विभिन्न इलाकों में दूषित पानी से पीलिया फैलने के मामले में बड़े अफसरों पर शिकंजा कस दिया है। इस मामले में मुख्य सचिव समेत करीब 42 अफसरों को प्रतिवादी बनाने के आदेश दिए हैं। 2007 से 2016 तक पेयजल से जुड़े अफसरों से लेकर चपरासी तक का रिकार्ड तलब किया है।
स्वच्छ पेयजल के लिए पूर्व में दिए गए आदेशों की पालना न होने पर संबंधित अधिकारियों का ब्योरा भी मांगा है। हाईकोर्ट ने इन्हें कारण बताओ नोटिस जारी कर पूछा है कि क्यों उनके खिलाफ अवमानना का मामला चलाया जाए। वीरवार को हाईकोर्ट ने पीलिया मामले पर फैसला सुनाते हुए मुख्य सचिव, अतिरिक्त मुख्य सचिव शहरी विकास, स्वास्थ्य, शिक्षा, निदेशक जनसंपर्क के अलावा
सभी उपायुक्तों, पुलिस अधीक्षकों, मुख्य चिकित्सा अधिकारियों और सदस्य सचिव प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को प्रतिवादी बनाने को कहा है। मुख्य न्यायाधीश मंसूर अहमद मीर और न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान की खंडपीठ ने राज्य सरकार को आदेश दिए कि पीलिया से जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये की मुआवजा राशि बतौर अंतरिम राहत दे।