सरकारी भूमि पर कब्जे करने के मामले की सुनवाई 28 फरवरी को हाईकोर्ट में होगी। सर्दियों की छुट्टियों के बाद 27 फरवरी को हाईकोर्ट खुलेगा। 28 फरवरी को सरकार इस मामले पर कोर्ट में अपना पक्ष रखेगी। हाईकोर्ट पांच बीघा तक कब्जे नियमित करने को हरी झंडी देगा या सरकार की नीति को खारिज करेगा, इस पर प्रदेश वासियों की नजरें टिकी हैं। हाईकोर्ट ने सरकार को एक इंच सरकारी भूमि से भी कब्जे हटाने के आदेश दिए थे।
उच्च न्यायालय ने वन भूमि से पेड़ काटकर अवैध ढंग से सेब बगीचे विकसित करने के मामले में कड़ा रुख अपनाकर 27 दिसंबर, 2016 को सरकार को आदेश दिए थे कि वह 28 फरवरी, 2017 तक वन भूमि से सभी अवैध कब्जों को हटाए। मुख्य न्यायाधीश मंसूर अहमद मीर और न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान ने राजस्व विभाग के अतिरिक्त और प्रधान मुख्य अरण्यपाल को कोर्ट के आदेशों की अनुपालना बताने के लिए 28 फरवरी को कोर्ट में हाजिर रहने के आदेश भी दिए हैं।