हाईकोर्ट ने आईजीएमसी में खिड़कियों के शीशे टूटने और सेंट्रल हीटिंग सिस्टम ठीक न होने को लेकर राज्य सरकार और आईजीएमसी प्रशासन से जवाब तलब किया है। न्यायालय में सात दिन के भीतर दोनों को स्पष्टीकरण देना होगा।
‘अमर उजाला’ में ‘आईजीएमसी में मरीज ठंड से ठिठुरने के लिए मजबूर’ शीर्षक से 17 नवंबर के अंक में खबर प्रकाशित हुई थी। इस पर न्यायालय ने कड़ा संज्ञान लिया है।
मामले की अगली सुनवाई 27 नवंबर को है। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजय करोल और न्यायाधीश अजय मोहन गोयल की खंडपीठ ने अमर उजाला में इस बाबत छपी खबर पर संज्ञान लेते हुए उपरोक्त आदेश पारित किए।
अमर उजाला ने खबर में खुलासा किया था कि किस तरह आईजीएमसी में कड़ाके की ठंड से मरीजों को जूझना पड़ रहा है।