प्रदेश सचिवालय सेवाएं कर्मचारी संघ के अध्यक्ष संजीव शर्मा कहते हैं कि ट्रिब्यूनल बंद होने के बाद 95 कर्मचारियों और अधिकारियों को सचिवालय में लाने की कोशिश की जा रही है। इन्हें सचिवालय में लाया जाता है तो इससे सचिवालय के कर्मचारियों के पदोन्नति के अवसर घट जाएंगे। सचिवालय के कर्मचारी आयोग से चयनित होकर आते और ट्रिब्यूनल के आयोग के माध्यम से नहीं लगे हैं। सरकार का विरोध इससे पहले में पहले भी किया था और अब भी विरोध करेंगे।
ट्रिब्यूनल के ये कर्मचारी होने हैं समायोजित
प्रदेश प्रशासनिक ट्रिब्यूनल भंग होने के बाद लिपिक 18, वरिष्ठ सहायक 16, सुपरिंटेंडेंट 5, एसओ 7, चतुर्थ श्रेणी 25, चालक 5, लाइब्रेरियन 1, सहायक लाइब्रेरियन-, दफ्तरी1, रीडर 3, कोर्ट सचिव 1, सहायक रजिस्ट्रार 1, उप रजिस्ट्रार 1, जजमेंट राइटर 4, प्राइवेट सचिव 3 और वरिष्ठ स्केल स्टेनोग्राफर 1 प्रमुख हैं।