प्रदेश के सरकारी स्कूलों में तैनात 543 पीजीटी (पोस्ट ग्रेजुएट टीचर) से शिक्षा विभाग रिकवरी नहीं करेगा। सुप्रीमकोर्ट के एक फैसले को आधार बनाकर शिक्षा विभाग ने यह फैसला लेते हुए शिक्षकों को बड़ी राहत दी है। वेतन कटौती पर शिक्षा विभाग अडिग है। शिक्षकों को नवंबर से वेतन घट कर ही मिलेगा। न्यूनतम पे बैंड लागू होने से 543 पीजीटी का करीब 2 हजार रुपये तक वेतन घट गया है।
शिक्षा निदेशालय ने न्यूनतम पे बैंड लागू करने को हिमाचल के सिविल सर्विस नियमों का हवाला देते हुए वेतन कटौती के आदेश जारी किए हैं। वित्त महकमे की अधिसूचना को शिक्षा विभाग ने गलत तरीके से लागू कर दिया था। इस गलती को चार साल बाद निदेशालय ने सुधारते हुए पीजीटी का वेतन घटाया है। निदेशालय ने सभी डीडीओ को आदेश जारी कर 15 अक्तूबर तक इन शिक्षकों की सर्विस बुक में संशोधन करने को भी कहा है।
वेतन कटौती के आदेश 10 अक्तूबर को जारी हुए थे। इन आदेशों में रिकवरी करने की बात भी कही गई थी, लेकिन वीरवार को शिक्षा निदेशालय ने बड़ा फैसला लेते हुए रिकवरी नहीं करने पर सहमति बनाई है। इसके लिए सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले को आधार बनाया गया है। निदेशालय के अफसरों का मानना है कि रिकवरी की नौबत आने पर शिक्षक कोर्ट जा सकते हैं। ऐसे में इस स्थिति से निपटने के लिए रिकवरी नहीं की जाएगी।