आपराधिक मामलों में एचपीसीए और सांसद अनुराग से जुड़े प्रकरण सरकार की प्राथमिकता में हैं। प्रधान सचिव गृह और प्रधान सचिव सहकारिता ने मामलों की यथास्थिति मुख्य सचिव के सामने रखी।
संबंधित विभागीय सचिवों को जिलाधिकारियों से इस प्रकरण से जुड़े तथ्यों की रिपोर्ट मांगने के आदेश भी मुख्य सचिव ने दिए हैं। बैठक में मुख्यमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना और लाभार्थियों के अनिवार्य स्वास्थ्य जांच की प्रगति रिपोर्ट ली गई।
निशुल्क एयर एंबुलेंस पूरी तरह से ऑपरेशनल करने की प्रक्रिया एक माह में पूरी करने के निर्देश भी दिए। इसके अलावा मनाली और शिमला में इलेक्ट्रिकल बसें संचालित करने की प्रगति, प्राइवेट पेयजल टैंकों की सफाई से संबंधित दिशा निर्देशों पर हुई कार्रवाई को लेकर भी मुख्य सचिव ने रिपोर्ट ली।
मंत्रिमंडल की बैठकों के लिए तैयार होने वाले एजेंडा प्रस्ताव पर मुख्य सचिव ने सख्त कदम उठाए हैं। उन्होंने विभागीय सचिवों को अवगत करवा दिया कि कैबिनेट बैठक से दो दिन पूर्व एजेंडा प्रस्ताव तय कर विभागीय मंत्रियों तक पहुंच जाने चाहिए।
विधि और वित्त विभाग से अनुमोदित होने वाले प्रस्ताव के लिए पूरी प्रक्रिया होने के बाद ही उन्हें बतौर एजेंडा शामिल किया जाए। आखिरी समय में और अधूरे दस्तावेजों के साथ एजेंडा प्रस्ताव स्वीकार नहीं होंगे।
100 दिन का लक्ष्य
मुख्य सचिव ने सभी सचिवों से 100 दिन के तैयार लक्ष्य के रिव्यू को लेकर भी बैठक में चर्चा की। हर विभाग की ओर से तैयार प्रस्ताव 31 जनवरी तक मुख्यमंत्री कार्यालय में पहुंचने हैं। मुख्य सचिव ने तय प्राथमिकताओं पर कार्य शुरू करने के निर्देश दिए। भविष्य के लिए निर्धारित कार्ययोजनाओं पर होमवर्क पूरा करने को कहा है।