राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस कर्ज को जारी करने के लिए केंद्र सरकार से आवश्यक अनुमति संविधान के अनुच्छेद 293(3) के तहत ली गई है। विकास कार्यों की निरंतरता बनाए रखने और वित्तीय आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए दीर्घकालिक संसाधन जुटाना जरूरी है। इसके लिए प्रतिभूतियों की नीलामी 2 मार्च 2026 को आरबीआई के मुंबई स्थित कार्यालय के माध्यम से की जाएगी।
नीलामी उपज आधारित बहुमूल्य पद्धति से होगी, जिसमें निर्धारित न्यूनतम स्वीकृत उपज के आधार पर ब्याज दर तय की जाएगी। प्रतिस्पर्धी और गैर प्रतिस्पर्धी दोनों प्रकार की बोलियां निर्धारित समयावधि में ऑनलाइन आमंत्रित की जाएंगी। सफल बोलीदाताओं को 4 मार्च 2026 को बैंकिंग समय समाप्त होने से पूर्व भुगतान करना होगा। प्रतिभूतियों की अवधि 4 मार्च से प्रारंभ होकर 4 मार्च 2046 तक रहेगी। इन प्रतिभूतियों पर ब्याज का भुगतान वर्ष में दो बार 4 सितंबर और 4 मार्च को किया जाएगा। नीलामी में निर्धारित दर ही पूरी अवधि के लिए लागू रहेगी।