धर्मशाला में प्रस्तावित इनवेस्टर मीट में कितने करोड़ का निवेश होगा और कितनी कंपनियां हिमाचल में अपनी इकाइयां स्थापित करेंगी, यह तो वक्त बताएगा। लेकिन निवेशकों को इनवेस्टर मीट के बारे में बताने और उन्हें रिझाने पर ही जयराम सरकार 23 करोड़ रुपये का भारी-भरकम बजट खर्च करने जा रही है।
सरकार ने जो खाका तैयार किया है, उसमें 23 करोड़ की लागत से देश और विदेश में आठ रोड शो किए जाने हैं। इसके अलावा सलाहकार के तौर पर सहयोगी बनाए गए कंफीडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्रीज (सीआईआई) और नॉलेज पार्टनर अर्नेस्ट एंड यंग कंपनी को ही करोड़ों की फीस देगी।
दोनों इनवेस्टर मीट से लेकर रोड शो, कांक्लेव व अन्य बैठकों को कराने के लिए सरकार का सहयोग करेंगे। इवेंट पार्टनर, मीडिया पार्टनर और सोशल मीडिया प्रचार प्रसार के लिए भी करोड़ों का बजट खर्च किया जाएगा। उद्योग विभाग के सूत्रों के अनुसार धर्मशाला में प्रस्तावित मेगा इनवेस्टर मीटर से पहले विभिन्न जगह चार छोटे कान्क्लेव किए जाएंगे।
इनके आयोजन पर भी करीब पांच करोड़ खर्च होंगे। हैदराबाद और बंगलूरू में होने वाले रोड शो पर ही सरकार डेढ़ करोड़ से ज्यादा खर्च करने जा रही है। जाहिर है, करोड़ों के निवेश लाने से पहले सरकार निवेशकों को बुलाने के लिए ही करोड़ों रुपये का खुद निवेश कर रही है।
सूत्रों का कहना है कि 23 करोड़ का यह बजट तो सिर्फ निवेशकों को आकर्षित करने और इनवेस्टर मीट के प्रचार पर खर्च किया जाएगा। इसके अलावा इनवेस्टर मीट पर अलग खर्च होगा, जिसका खाका तैयार किया जा रहा है।