कोरोना वायरस के चलते हिमाचल सरकार ने लोगों को घर-द्वार स्वास्थ्य सुविधाएं देने का फैसला लिया है। इसके लिए प्रदेश में ई-संजीवनी ओपीडी परामर्श सुविधा शुरू की गई है। प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों के विभिन्न विभागों के 16 डॉक्टर सुबह साढ़े नौ बजे से सांय चार बजे तक इस नि:शुल्क स्वास्थ्य परामर्श की सुविधा देने के लिए उपलब्ध रहेंगे। अतिरिक्त मुख्य सचिव स्वास्थ्य आरडी धीमान ने कहा कि बीमार लोग अस्पताल आने में असहज महसूस कर रहे हैं।
इसके चलते यह फैसला लिया गया है। इस सुविधा का लाभ उठाने के लिए कंप्यूटर-लैपटॉप या टैबलेट के साथ वेब कैमरा, माइक, स्पीकर और इंटरनेट कनेक्शन कि जरूरत होगी और शीघ्र ही यह सुविधा मोबाइल फोन पर भी उपलब्ध करवा दी जाएगी। esanjeevaniopd.in पर रोगी को पंजीकृत करने के बाद एक टोकन नंबर मिलेगा। इससे लॉगइन करने के बाद डॉक्टरी परामर्श की प्रक्रिया आरंभ होगी। यदि आपके परामर्शदाता डॉक्टर को विशेषज्ञीय सलाह की आवश्यकता महसूस होती है तो टेली परामर्श सुविधा का भी प्रयोग किया जा सकता है।
हिमाचल में 10 हजार आईएलआई के मरीज
स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं ने लगभग 70 लाख लोगों के घर-द्वार जाकर कोरोना के प्रति मौखिक जांच की है। इस जांच में दस हजार के करीब आईएलआई (सर्दी-खांसी, जुकाम और बुखार से पीड़ित) के मामले सामने आए हैं। इनमें करीब 700 लोगों के सैंपल की जांच भी की जा चुकी है। लोगों का इलाज चल रहा है।