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अधिग्रहीत जमीन का मुआवजा मांगने वाले हजारों परिवारों को झटका

Mon, 18 Jul 2016 09:19 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
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सरकार ने फैक्टर टू के तहत नेशनल हाईवे के लिए अधिग्रहीत जमीन का चार गुना मुआवजा मांगने वाले हजारों परिवारों को झटका दिया है। हिमाचल सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि फैक्टर वन के तहत जमीन के दोगुने दाम ही दिए जाएंगे। हालांकि, सरकार कुछ राहत देने के लिए सर्किल रेट रिवाइज करने की भी तैयारी कर रही है।
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राजस्व मंत्री कौल सिंह ठाकुर का कहना है कि सर्किल रेट रिवाइज होने से जमीन का अच्छा मुआवजा मिल जाएगा। उन्होंने माना कि सरकार किसी भी सूरत में फैक्टर टू लागू नहीं करेगी।

बता दें कि भूमि अधिग्रहण कानून 2013 में राज्य सरकारों को यह शक्ति दी गई थी कि वह चाहे तो प्रदेश में मुआवजे को लेकर फैक्टर वन लागू करे या फैक्टर टू। फैक्टर वन में जहां जमीन की वर्तमान कीमत का दोगुना मुआवजा दिया जाता है, वहीं फैक्टर टू में मुआवजा चार गुना देना होता है।
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इसलिए बंधे हिमाचल सरकार के हाथ

हिमाचल प्रदेश सरकार
नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) जमीन अधिग्रहीत कर फैक्टर टू के तहत पैसा देने को राजी है लेकिन प्रदेश सरकार इसके लिए तैयार नहीं है। सरकार जानती है कि जमीन अधिग्रहण के लिए फैक्टर टू लागू हुआ तो बाद में अपनी योजनाओं को

चलाना उनके लिए मुश्किल हो जाएगा। स्कूल, अस्पताल, सड़क जैसी योजनाओं के लिए सरकार को जमीन की जरूरत पड़ेगी। अभी फैक्टर टू के तहत पैसा दिलवा दिया तो बाद में राज्य सरकार को भी इसी तर्ज पर जमीन अधिग्रहण के लिए चार गुना मुआवजा चुकाना पड़ेगा। 
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48 एनएच प्रस्तावित, दो फोरलेन निर्माणाधीन

हिमाचल को हाल ही में 48 नए नेशनल हाईवे मिले हैं। वहीं, किरतपुर से नेरचौक-कुल्लू-मनाली और परवाणू से शिमला तक फोरलेन का निर्माण शुरू हो चुका है। इनकी जद में प्रदेश के हजारों परिवारों की जमीन-दुकान और घर आएंगे। ऐसे में इन परिवारों को भी कम मुआवजे का झटका लगेगा।

क्या कहती है संघर्ष समिति
फोरलेन संघर्ष समिति के अध्यक्ष और ब्रिगेडियर (रिटायर) खुशहाल ठाकुर कहते हैं कि फैक्टर लागू करना एजेंसी का काम है। राज्य सरकार को सिर्फ जमीन की मार्केट वैल्यू तय करने का अधिकार है। लेकिन राज्य सरकार इसे भी सही तरीके से नहीं कर रही। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार जानबूझकर सर्किल रेट को ही मार्केट वैल्यू बता रही है जिसकी वजह से जमीन खोने वाले किसान को घाटा होगा।
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