प्रदेश सरकार हिमाचल में उद्योग नीति में संशोधन करने जा रही है। नियम सख्त होने पर ज्यादातर इनवेस्टर हिमाचल में निवेश नहीं कर रहे हैं। ऐसे में सरकार ने नियमों को सरल करने का फैसला किया है। उद्योग विभाग में इसकी तैयारियां चल रही हैं। आगामी मंत्रिमंडल की बैठक में इस प्रस्ताव को लाया जाना है।
हिमाचल में धारा-118, उद्योग लगाने के लिए विभागों के अनापत्ति प्रमाण पत्र आदि औपचारिकताएं पूरी करने में निवेशकों को महीनों लग जाते हैं। नियम कड़े होने से इनवेस्टर हिमाचल आने को तैयार नहीं होते। प्रदेश सरकार की ओर से धर्मशाला में अगले साल फरवरी में ग्लोबल इन्वेस्टर मीट आयोजित की जा रही है।
सरकार की ओर से इसकी तैयारियां शुरू हो गई है। विभागों के अधिकारी बाहरी राज्यों में भेजे जा रहे हैं ताकि वे हिमाचल आने के लिए निवेशकों को आकर्षित कर सकें। सरकार निवेशकों की सुविधा के लिए मौजूदा औद्योगिक नीति में संशोधन करने की भी बात कर रही है।
उद्योग मंत्री बिक्रम सिंह ने कहा कि राज्य सरकार उद्योगों के अलावा अन्य क्षेत्रों में भी निवेश करेगी। उन्होंने कहा कि उद्योग नीति को सरल बनाने के लिए प्रदेश सरकार नियमों में संशोधन करने जा रही है।