अस्थायी शिक्षकों का यह मामला साल 2015 से सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्रार बेंच में चला था। बीते साल नवंबर में इसे डबल बेंच के लिए शिफ्ट किया गया। 5 जनवरी से मामले की सुनवाई शुरू हुई। याचिकाकर्ता पंकज कुमार ने साल 2013 में मामले को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी।
आरोप लगाया था कि चहेतों को नौकरी दी गई, जबकि पात्र शिक्षक बाहर कर दिए गए। हाईकोर्ट ने 2014 में अस्थायी शिक्षकों के हक में फैसला सुनाया था। सरकार ने इसके बाद इनके लिए पॉलिसी तैयार कर दी थी। हाईकोर्ट के फैसले के बाद करीब 5500 पीटीए शिक्षकों को अनुबंध पर लाया गया।
इसी दौरान हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीमकोेर्ट में चुनौती दी गई। सुप्रीमकोर्ट ने हाईकोर्ट के आदेशों पर रोक लगाते हुए यथा स्थिति बनाए रखने के आदेश जारी किए। इसके बाद से यह मामला सुप्रीमकोर्ट में विचाराधीन है। करीब 2000 पीटीए शिक्षक अनुबंध पर आने से छूट गए हैं।