सूत्रों के मुताबिक एक से दो किलोमीटर की दूरी पर स्थित जिन स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या 15 से कम होगी, ऐसे स्कूलों को मर्ज कर दिया जाएगा। इस व्यवस्था से बंद किए जाने वाले स्कूलों के शिक्षकों को साथ लगते स्कूलों में तैनात किया जाएगा।
इस व्यवस्था से जहां स्कूलों में शिक्षकों की कमी दूर होगी, वहीं बच्चों को भी पढ़ाई के लिए माहौल मिल सकेगा। बंद किए जाने वाले स्कूलों के विद्यार्थियों को केंद्र सरकार द्वारा आर्थिक सहायता भी दी जाएगी। बता दें कि पूर्व कांग्रेस सरकार के कार्यकाल के दौरान भी 103 प्राइमरी स्कूलों को बंद कर साथ लगते स्कूलों में मर्ज किया गया था।