प्रदेश की जनसंख्या करीब 70 लाख पहुंच चुकी है, मगर नए बजट के लिए इसमें से केवल चार लोगों-संस्थाओं के ही सुझाव आए हैं। बाकी छोड़िए, खुद के लिए ढेरों सहूलियतें मांगने वाले दर्जनों कर्मचारी संगठन भी बजट सुझाव देने में फिसड्डी साबित हुए हैं। वित्त
विभाग ने अपने सुझाव देने को चार जनवरी को आम लोगों और तमाम संगठनों से अपील की थी, मगर दस दिन से ज्यादा वक्त बीतने पर भी इसका कोई खास असर नहीं हुआ। उधर, राज्य की वर्तमान सरकार चुनावी वर्ष में अपने इस कार्यकाल के अंतिम बजट के लिए प्रस्ताव तैयार करने में बड़ी शिद्दत से माथापच्ची कर रही है।
चार जनवरी को अतिरिक्त मुख्य सचिव वित्त डॉ. श्रीकांत बाल्दी ने वित्तीय वर्ष 2017-18 के लिए राज्य बजट पर आम जनता, उद्योगों, व्यापारियों, कृषक, कर्मचारी संगठनों और तमाम वर्गों से सुझाव आमंत्रित किए थे। डॉ. श्रीकांत बाल्दी ने अपील की थी कि राज्य बजट प्रस्तावों के निर्माण की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
बजट को अधिक लोकोन्मुख और सहभागी बनाने तथा समाज के विभिन्न हितधारकों के विचारों को इसमें सम्मिलित करने के लिए सुझाव आमंत्रित किए जा रहे हैं। बजट और वार्षिक योजना के लिए सुझाव वित्त विभाग के वेबपोर्टल finsecy-hp@nic.in पर ई-मेल या हिमाचल सरकार के अतिरिक्त मुख्य सचिव वित्त को पत्र के माध्यम से 21 जनवरी तक भेजे जाने हैं।
सरकारी विभागों के कुछ निदेशकों को भी कुछ सुझाव देने को कहा गया था, मगर सरकार के वित्त विभाग 14 जनवरी तक महज चार ऑनलाइन सुझाव ही मिले हैं। इनमें भी एक सुझाव राजस्व बढ़ाने का मिला है। व्यय प्रणाली और प्रशासन में सुधार पर एक भी सुझाव अभी तक नहीं आया है।
तीन और सुझाव अन्य विषयों पर मिले हैं। अब समय-सीमा पूरी होने को महज एक सप्ताह बचा है और राज्य सरकार का वित्त विभाग 70 लाख की जनसंख्या पर नजरें गड़ाए बजट सुझावों का शिद्दत से इंतजार कर रहा है। वहीं, अतिरिक्त मुख्य सचिव वित्त श्रीकांत बाल्दी ने भी पुष्टि की कि अभी तक वित्त विभाग को केवल चार ही सुझाव मिले हैं। आगामी दिनों में इनके बढ़ने की उम्मीद है।
30, 31 को विधायक देंगे अपनी प्राथमिकताएं, 6 को योजना बोर्ड की बैठक
30 और 31 जनवरी को मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की अध्यक्षता में राज्य सचिवालय में रखी गई बैठकों में विधायक अपनी प्राथमिकताएं रखेंगे। सोलन, सिरमौर, शिमला, मंडी, कुल्लू और बिलासपुर जिलों के विधायक 30 जनवरी को अपनी प्राथमिकताएं
पेश करेंगे। बाकी जिलों के विधायक अगले दिन 31 जनवरी को अपनी प्राथमिकताएं देंगे। उधर, राज्य सरकार ने बजट तैयारियों के बीच योजना बोर्ड की बैठक भी बुला ली है। यह बैठक छह फरवरी को होगी।