मंत्री ने विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि फरवरी माह के अंत तक पतंजलि उत्पादों की उपलब्धता को व्यवहार्य बनाने के लिए सभी औपचारिकताएं पूरी करें। कपूर ने कहा कि पतंजलि सैकड़ों उत्पाद तैयार कर रही है।
प्रयास किए जाएंगे कि दैनिक जीवन में अधिक उपयोग में लाए जाने वाले उत्पादों को उचित मूल्यों की दुकानों के माध्यम से लोगों को उपलब्ध करवाया जाएगा। उन्होंने कहा कि बाजार में खाद्य वस्तुओं विशेषकर दाल, चावल और आटे की दरों में उतार-चढ़ाव के कारण मंडियों का समुचित अध्ययन करने के उपरांत
इनकी निविदाएं हर महीने की जाएंगी। उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं को उपलब्ध करवाई जाने वाली प्रत्येक वस्तु अथवा खाद्यान्न की गुणवत्ता को लेकर किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जा सकता।
इस बात का विशेष ध्यान रखा जाए। उधर, राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के प्रबंध निदेशक एसएस गुलेरिया ने पतंजलि उत्पादों की खरीद के संबंध में किए जा रहे प्रयासों के बारे में मंत्री को अवगत करवाया।