हिमाचल सरकार ने प्रदेश में मैगी के उत्पादन को हरी झंडी दे दी है, जबकि बिक्री पर रोक बरकरार रखी गई है। शुक्रवार को अतिरिक्त मुख्य सचिव स्वास्थ्य ने जिला ऊना के टाहलीवाल स्थित नेस्ले कंपनी के मैगी प्लांट में उत्पादन शुरू करने को मंजूरी दी।
मैगी के सैंपल फेल होने के बाद पांच जून से हिमाचल में मैगी के उत्पादन और बिक्री पर रोक लगाई गई थी। सूबे में मैगी की बिक्री पर लगे बैन को हटाने के लिए सरकार ने केंद्र सरकार से राय मांगी है। नेस्ले कंपनी ने बीते दिनों हिमाचल सरकार को आवेदन किया था।
सरकार ने आवेदन पर विधि राय लेने के बाद मामला केंद्र सरकार को भेज दिया है। निदेशक खाद्य सुरक्षा एवं विनियमन डा. रामेश्वर शर्मा ने टाहलीवाल में मैगी के उत्पादन को मंजूरी देने की पुष्टि की है। विगत पांच जून से हिमाचल में मैगी के उत्पादन और बिक्री पर बैन है। मैगी के सैंपल फेल होने पर राज्य सरकार ने रोक लगाई है।
हिमाचल को छोड़ कर देश के अन्य राज्यों में मैगी का उत्पादन और बिक्री शुरू अब हो गई है। बीते दिनों ही उत्तराखंड ने भी बैन हटा दिया है। अब हिमाचल ही देश में अकेला राज्य रह गया है, जहां मैगी की बिक्री पर रोक है।
मैगी की बिक्री पर रोक हटाने से पहले राज्य सरकार नेस्ले कंपनी के आवेदन के साथ दी गई बांबे हाईकोर्ट की जजमेंट पर स्थिति स्पष्ट करना चाहती है। सरकार ने अपने स्तर पर फैसला लेने के बजाए मामला केंद्र सरकार के पाले में डाल दिया है।