13वें की तुलना में प्रदेश में 14वें वित्तायोग में दोगुने से ज्यादा पैसा दिया है। इस वर्ष 19,309 करोड़ रुपये हिमाचल को देंगे जिसमें से केवल 11431 करोड़ रुपये रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट है, जो ऐतिहासिक है। चूंकि उत्तराखंड को 5400 करोड़ तो पंजाब को 7500 करोड़ मिलेगा।
अनुराग ने कहा कि हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय राजनीति का शिकार हुआ है। पहले से तय है कि शैक्षणिक खंड देहरा तो प्रशासनिक खंड धर्मशाला में बनेगा। कांग्रेस ने बीते पांच सालों में न फोरेस्ट क्लीयरेंस और न पैसा दिया।
लेकिन भाजपा ने सत्ता में आते ही फोरेस्ट क्लीयरेंस भी दी और शिलान्यास भी किया। लेकिन प्रोजेक्ट रिपोर्ट यूनिवर्सिटी को ही तैयार करनी थी। स्थानीय स्तर पर प्रोजेक्ट रिपोर्ट ज्यादा बनी जिसके चलते मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने दोबारा संशोधित रिपोर्ट मांगी, ताकि केंद्र सरकार पैसा दे सके।
सीपीडब्ल्यूडी के महानिदेशक से चंडीगढ़ में इस मामले में व्यक्तिगत तौर पर बात की गई है। गगल एयरपोर्ट के विस्तार पर अनुराग ने कहा कि पर्यटन की दृष्टि से यह बहुत जरूरी है।