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हमीरपुर-ऊना रेल लाइन के लिए भी खर्च कर सकती है हिमाचल सरकार: अनुराग

Sun, 01 Mar 2020 12:39 PM IST
Krishan Singh प्रवीण कुमार, अमर उजाला, हमीरपुर
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केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर - फोटो : अमर उजाला
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हिमाचल के हमीरपुर-ऊना रेल लाइन के खर्च पर प्रदेश सरकार द्वारा हाथ पीछे खींचने पर केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि अगर भानुपल्ली-बिलासपुर रेल लाइन के लिए प्रदेश सरकार 25 फीसदी खर्च उठा सकती है तो हमीरपुर-ऊना रेल लाइन के लिए भी प्रतिवर्ष 100-150 करोड़ प्रदेश सरकार के लिए खर्च करना संभव है। 

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शनिवार को अमर उजाला के सवाल पर अनुराग ने कहा कि हिमाचल को कहीं भी पीछे नहीं रहने दिया। रेल लाइन के लिए केंद्र से पैसा दिलाएंगे। हर राज्य में रेल लाइन पर 50 फीसदी केंद्र और 50 फीसदी राज्य को देना होता है। कई राज्य ऐसे हैं, जो जमीन तक दे रहे हैं। अनुराग ने कहा कि अगर हिमाचल की क्षमता 25 फीसदी राशि देना ही है तो रेलवे लाइन पर यह पैसा कुछ वर्षों में खर्च होना है।

हिमाचल के जिम्मे केवल हजार-पंद्रह सौ करोड़ ही आएगा। अगर 8 से 10 साल में रेलवे लाइन बनेगी तो साल का 100 से 150 करोड़ रुपये खर्च करना प्रदेश सरकार के लिए संभव हो पाएगा। इस दिशा में सबको सकारात्मक तरीके से देखना चाहिए। प्रदेश की वित्तीय स्थिति सबको पता है। बहुत सारे प्रोजेक्ट चल रहे हैं। मोदी सरकार ने हिमाचल को विशेष राज्य का दर्जा दिया, जिसका लाभ हिमाचल को मिल रहा है।

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राजनीति का शिकार हुआ केंद्रीय विश्वविद्यालय  

 13वें की तुलना में प्रदेश में 14वें वित्तायोग में दोगुने से ज्यादा पैसा दिया है। इस वर्ष 19,309 करोड़ रुपये हिमाचल को देंगे जिसमें से केवल 11431 करोड़ रुपये रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट है, जो ऐतिहासिक है। चूंकि उत्तराखंड को 5400 करोड़ तो पंजाब को 7500 करोड़ मिलेगा। 

अनुराग ने कहा कि हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय राजनीति का शिकार हुआ है। पहले से तय है कि शैक्षणिक खंड देहरा तो प्रशासनिक खंड धर्मशाला में बनेगा। कांग्रेस ने बीते पांच सालों में न फोरेस्ट क्लीयरेंस और न पैसा दिया।

लेकिन भाजपा ने सत्ता में आते ही फोरेस्ट क्लीयरेंस भी दी और शिलान्यास भी किया। लेकिन प्रोजेक्ट रिपोर्ट यूनिवर्सिटी को ही तैयार करनी थी। स्थानीय स्तर पर प्रोजेक्ट रिपोर्ट ज्यादा बनी जिसके चलते मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने दोबारा संशोधित रिपोर्ट मांगी, ताकि केंद्र सरकार पैसा दे सके।

सीपीडब्ल्यूडी के महानिदेशक से चंडीगढ़ में इस मामले में व्यक्तिगत तौर पर बात की गई है। गगल एयरपोर्ट के विस्तार पर अनुराग ने कहा कि पर्यटन की दृष्टि से यह बहुत जरूरी है। 
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