ऐसे में किराये में कुछ इजाफा किया जाना वाजिब है। हालांकि, निजी बस ऑपरेटर यूनियन प्रदेश में 10 रुपये न्यूनतम और साधारण किराये में 40 फीसदी की बढ़ोतरी करने की मांग कर रही है। मुख्यमंत्री के साथ सचिवालय में हुई निजी बस ऑपरेटरों की बैठक में सरकार ने इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया।
सरकार 5 रुपये तक न्यूनतम किराया करने पर सहमत हुई है। परिवहन के प्रधान सचिव जेसी शर्मा ने बताया कि प्रदेश सरकार उत्तराखंड सरकार के किराया पैट्रन को देख रही है। किराया कितना बढ़ाया जाना है, इसका फैसला कैबिनेट ने लेना है।