बड़े संस्थानों में शिक्षा प्राप्त कर रहे हिमाचली छात्रों के अच्छी खबर है। सीएम ने इस संबंध में अहम फैसला लिया है। मुख्यमंत्री प्रोत्साहन राशि के लिए दो और संस्थानों को शामिल कर लिया है। बड़े संस्थानों में शिक्षा प्राप्त कर रहे हिमाचली छात्रों के अच्छी खबर है।
आईआईटी, आईएम और एम्स के बाद अब हिमाचल सरकार ने मुख्यमंत्री प्रोत्साहन राशि के लिए दो और संस्थानों को शामिल कर लिया है। इस शैक्षणिक सत्र से इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस (आईआईएससी) बंगलूरू कर्नाटक और इंडियन स्कूल ऑफ माइन्स (आईएसएम) धनबाद, झारखंड में प्रवेश हासिल करने वाले छात्र तथा छात्राओं को भी मुख्यमंत्री प्रोत्साहन राशि मिलेगी।
सरकार ने इस शैक्षणिक सत्र से दोनों प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थानों को मुख्यमंत्री प्रोत्साहन योजना में शामिल कर लिया है। इन संस्थानों में प्रवेश लेने में सफल रहे 7 विद्यार्थियों ने विभाग को प्रोत्साहन राशि के लिए आवेदन भी कर दिया है। आईआईएससी बंगलूरू के 5 और आईएसएम धनबाद के 3 विद्यार्थी शामिल हैं।
यहां करें आवेदन
संस्थानों में प्रवेश हासिल करने वाला कोई भी विद्यार्थी इस योजना का लाभ उठाने के लिए विभाग की वेबसाइट www.hpepass.cgg.gov.in पर आवेदन कर सकते हैं।
75 हजार रुपये मिलते हैं
मुख्यमंत्री प्रोत्साहन योजना में प्रति छात्र 75 हजार रुपये प्रोत्साहन राशि दी जाती है। इससे पहले आईआईटी, आआईएम और एम्स में प्रवेश हासिल करने वाले होनहार छात्र छात्राओं को मुख्यमंत्री प्रोत्साहन राशि दी जाती थी।
अब तक 129 को मिला लाभ
योजना में अब तक 129 विद्यार्थी लाभान्वित हो चुके हैं। 36 छात्राएं और 93 छात्र शामिल हैं। वर्र्ष 2012-13 में 60 विद्यार्थियों को 45 लाख और 2013-14 में 69 विद्यार्थियों को 51 लाख 75 हजार दिए हैं।
सीधे खाते में आती है राशि
शिक्षा विभाग प्रोत्साहन राशि को सीधे लाभान्वित होने वाले छात्र तथा छात्राओं के बैंक खातों में जमा करवाता है। ताकि, राशि का प्रयोग संबंधित विद्यार्थी की पढ़ाई पर ही खर्च हो सके।
विद्यार्थियों का मनोबल बढ़ता है
हायर एजूकेशन के ज्वाइंट डायरेक्टर डॉ. एमएस नेगी ने बताया कि होनहार छात्र- छात्राओं को जो प्रोत्साहन राशि मिलती है, इससे उनका मनोबल बढ़ता है। 2015 से दो नए संस्थानों में प्रवेश हासिल करने वालों को भी यह राशि मिलेगी।