आग्रह किया गया है। याचिका में कहा है कि राज्य सरकार और राज्य चुनाव आयोग ने संविधान के प्रावधानों के तहत तय समय सीमा में चुनाव करवाने को लेकर कोई तैयारी नहीं की है। याचिका में संविधान के अनुच्छेद 243 ई का हवाला दिया गया है। इन प्रावधानों के तहत हर 5 साल के बाद पंचायत चुनाव करवाना अनिवार्य है। मौजूदा जनप्रतिनिधियों का कार्यकाल जनवरी में समाप्त हो रहा है। प्रदेश सरकार किसी भी स्थिति में चुनाव नहीं टाल सकती, जब तक कोई असाधारण परिस्थिति जैसे प्राकृतिक आपदा या कानून-व्यवस्था की अस्थिरता वाली कोई ऐसी समस्या न हो। चुनाव टालने की बात को लेकर सरकार की मंशा को भी चुनौती दी गई है।