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एंटी हेल गन खरीद गड़बड़झाले में अधिकारी पर चलेगा मुकदमा, सरकार ने दी मंजूरी

Sat, 14 Dec 2019 11:53 AM IST
Krishan Singh विपिन काला, अमर उजाला, शिमला
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- फोटो : सोशल मीडिया
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हिमाचल सरकार ने एंटी हेल गन खरीद गड़बड़झाले में बागवानी विभाग के पूर्व अतिरिक्त निदेशक के खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए अभियोजन मंजूरी दे दी है। आरोप है कि अमेरिकी कंपनी से एंटी हेल गन खरीद और इसे स्थापित करने में उक्त अधिकारी ने वित्तीय अनियमितताएं बरतीं। बागवानी विभाग के सचिव अमिताभ अवस्थी ने अतिरिक्त महानिदेशक राज्य विजिलेंस और एंटी क्रप्शन ब्यूरो को मंजूरी का पत्र भेज दिया है। पत्र की प्रति प्रधान सचिव गृह और बागवानी निदेशक क ो भी भेजी है। 

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पत्र के अनुसार बागवानी विभाग के रिटायर्ड अतिरिक्तनिदेशक  और तत्कालीन प्रोजेक्ट निदेशक सुभाष चंद्र के खिलाफ 20 जून, 2017 को पीसी एक्ट के तहत मामला दर्ज हुआ है। मामला अमेरिकी कंपनी से 2.35 करोड़ की लागत से एंटी हेल गन खरीदने में वित्तीय अनियमितता बरतने का है। जिला शिमला के विभिन्न स्थानों में कंपनी ने एंटी हेल गन लगानी थी, लेकिन इसके लिए पूरी प्रक्रिया नहीं अपनाई और राशि का भुगतान कर दिया। मामले की जांच के बाद विजिलेंस ने पाया कि तत्कालीन प्रोजेक्ट निदेशक ने बीस फीसदी राशि यानी 54.19 लाख रुपये उपक रणों और बुनियादी ढांचा उपलब्ध कराए बिना जारी कर दी।

यह समझौते के पैरा 26 का सीधे उल्लंघन हुआ है। हैदराबाद की ग्लोबल एविएशन कंसल्टेंट कंपनी को गलत तरीके से लाभ पहुंचाया। रडार प्रणाली को बिजली से बचाने के लिए कोई उपकरण भी नहीं लगाया। कंपनी ने सही फेंसिंग तक नहीं की, जिससे वर्ष 2013 में रडार जलकर क्षतिग्रस्त हो गया। इससे सरकार को करीब 45 लाख का नुकसान हुआ। इसके बाद विजिलेंस ने प्रोजेक्ट निदेशक के खिलाफ जांच कर रिपोर्ट तैयार कर विजिलेंस के एडीजी को भेजी। इस रिपोर्ट के  आधार पर मुकदमा चलाने के लिए मंजूरी दी है।

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