राज्य सरकार ने प्राकृतिक आपदा प्रभावित क्षेत्रों को राहत और पहुंचाने के लिए कुल 95 करोड़ रुपये की राहत राशि जारी की है। जिलों के उपायुक्तों को यह राहत राशि जारी की गई है। इससे पहले सरकार ने 122 करोड़ की राहत राशि की पहली किस्त जारी की थी। जिलों के लिए यह राशि विभिन्न विभागों के नुकसान की क्षतिपूर्ति के लिए जारी की गई है।
पिछले दस साल में प्राकृतिक आपदा से इस बार सबसे अधिक क्षति हुई है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में 1 जुलाई से 30 सितंबर तक कुल 1593 करोड़ की क्षति का आंकलन किया जा चुका है। पिछले दस साल की अवधि में प्राकृतिक आपदा से यह सबसे ज्यादा नुकसान है। इन दौरान सबसे अधिक नुकसान प्रदेश की सड़कों को पहुंचा है। सरकार के पहुंची रिपोर्ट के अनुसार करीब 800 करोड़ की क्षति प्रदेश की सड़कों को पहुंची है। जिलों के उपायुक्तों पचास करोड़ की राशि राहत के लिए दी गई है।
अतिरिक्त मुख्य सचिव (लोनिवि) मनीषा नंदा के अनुसार राज्य आपदा राहत कोष (एसडीआरएफ) से प्राकृतिक आपदा राहत की दूसरी किस्त 95 करोड़ की जारी कर दी है। यह राशि प्रदेश के सभी उपायुक्तों और कई अन्य विभागों के लिए जारी कर दी गई है। पिछले दस साल में राज्य को प्राकृतिक आपदा से सबसे अधिक 1593 करोड़ की क्षति हुई है। सड़कों को सबसे 800 करोड़ का नुकसान हुआ है।
विभिन्न विभागों के लिए भी जारी की राशि
राज्य सरकार ने कुल 95 करोड़ की राहत राशि में से पचास करोड़ की राशि उपायुक्तों को जारी की है। इसके अलावा सरकार ने लोक निर्माण विभाग को 25 करोड़, सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग को 10 करोड़, बिजली विभाग को 5 करोड़, बागवानी 2.5 करोड़ और कृषि विभाग को 2.5 करोड़ की राशि जारी की है।