राजकीय प्राथमिक पाठशाला कमहेरी का निरीक्षण करते एसडीएम विवेक चौहान।
आखिर प्राइमरी स्कूल कमेहरी में पढ़ रहे 42 नौनिहालों को छत नसीब हो ही गई। अब करसोग की राजकीय प्राथमिक पाठशाला कमहेरी के बच्चे टीन के शेड में नहीं पढ़ेंगे। सड़क पर कक्षाएं लगाने की भी जरूरत नहीं। ‘अमर उजाला’ में खबर छपते ही सरकार ने न केवल इस स्कूल के बच्चों को किराये के भवन में शिफ्ट कर दिया है बल्कि स्कूल भवन बनाने के लिए सात लाख रुपये भी मंजूर कर दिए। सरकारी अमला भी निरीक्षण के लिए तत्काल मौके पर पहुंच गया।
‘अमर उजाला’ में 11 मई के अंक में ‘टीन के शेड में प्राइमरी स्कूल, सड़क पर क्लास’ शीर्षक से प्रकाशित खबर पर मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के कड़े संज्ञान के बाद एक ही दिन में ऐसा संभव हो सका है। बुधवार सुबह मुख्यमंत्री ने खबर पढ़ने के बाद प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय से रिपोर्ट तलब की। अफसरों को फटकार लगाकर तत्काल स्कूल को किराये के भवन में शिफ्ट करने के निर्देश दिए। स्कूल का अपना भवन बनाने का भी मुख्यमंत्री ने आदेश दिया।
सीएम के संज्ञान लेते ही एसडीएम करसोग विवेक चौहान भी मौके पर पहुंच गए। इनके साथ सोमाकोठी पंचायत प्रधान भोला दत्त, एसएमसी प्रधान चमन ठाकुर भी मौजूद रहे। एसडीएम ने तत्काल टीन शेड को बंद करवाकर स्कूल चलाने के लिए साथ लगते मकान में किराये पर तीन कमरों की व्यवस्था कर दी। वहीं, प्रारंभिक शिक्षा निदेशक मनमोहन शर्मा ने बताया कि मुख्यमंत्री के आदेशानुसार मामले पर कार्रवाई जारी है। रिपोर्ट तलब की गई है।
पंचायत प्रधान भोला दत्त ने कहा कि स्कूल के बच्चों के लिए टॉयलेट बनाने को डेढ़ लाख रुपये की राशि मिल चुकी है। वीरवार से टॉयलेट बनाने का काम शुरू किया जाएगा। एसडीएम करसोग विवेक चौहान ने बताया कि स्कूल भवन के लिए लोगों ने जमीन दान में दी है। दो माह के भीतर स्कूल का अपना भवन तैयार किया जाएगा। शिक्षा विभाग के अतिरिक्त निदेशक आशीष कोहली से भी इस पर बात हुई है।