शहीद दिनेश कुमार और स्वामी दास चंदेल
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हिमाचल के हमीरपुर जिले के कारगिल शहीदों की शहादत पर किए वायदों को सरकार व प्रशासन भूल गया है। कारगिल युद्ध में जिला के आठ जांबाजों ने शहादत पाई थी। इनमें से एक शहीद ऐसे हैं जिनके नाम पर स्कूल का नाम रखने का वायदा तो उस समय किया गया, लेकिन अभी तक अधूरा है। शहीद दिनेश कुमार पुत्र कैप्टन भूप सिंह निवासी गांव अंदराल डाकघर ऊहल जिला हमीरपुर के नाम पर तत्कालीन शिक्षा मंत्री ईश्वर दास धीमान ने टौणीदेवी स्कूल का नाम रखने की घोषणा की थी।
लेकिन 21 वर्ष बाद भी यह घोषणा पूरी नहीं हो पाई है। शहीद के पिता कैप्टन भूप सिंह ने कहा कि कई बार उन्होंने इस बारे मुख्यमंत्री और प्रशासन से भी अपील की, लेकिन इस पर गौर न होने के कारण अब उन्होंने प्रशासन व सरकार को यह बोलना बंद कर दिया है। शहीद दिनेश कुमार 20 साल की उम्र में 7 जून,1999 को पुंछ सेक्टर में मातृभूमि की रक्षा करते हुए शहीद हुए थे।
उधर, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का नाम गांव समलेहड़ा डाकघर बगबाड़ा के शहीद स्वामी दास चंदेल के नाम पर रखा गया था, लेकिन अब पीएचसी से उनका नाम मिटा दिया गया है। शहीद स्वामी दास चंदेल मेमोरियल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के स्थान पर आयुष्मान भारत हेल्थ वेलनेस सेंटर बगबाड़ा लिखा गया है।
पंचायत प्रधान बगबाड़ा एडवोकेट संजीव कुमार ने प्रशासन व सरकार से मांग की है कि शहीद के नाम की पट्टिका लगवाई जाए। उन्होंने कहा कि इस बारे में उन्होंने पीएचसी के चिकित्सक से भी बात की थी तो उन्होंने जल्द पट्टिका लगवाने का आश्वासन दिया था। बता दें कि शहीद स्वामी दास चंदेल तीन जुलाई 1999 को पुंछ सेक्टर में दुश्मनों से लोहा लेते हुए शहीद हुए थे।