पूर्व मंत्री जीएस बाली ने बिजली और सीमेंट की दरों में इजाफे को प्रदेश सरकार की नाकामी करार दिया है। बाली ने पत्रकार वार्ता में कहा कि प्रदेश में सीमेंट कंपनियों की मनमानी को रोका जाना चाहिए। यह सरकार की जिम्मेदारी है।
लेकिन इस कार्य में सरकार नाकाम होती नजर आ रही है। बाली ने इन्वेस्टर मीट को लेकर प्रदेश सरकार के साथ देश-विदेश से उद्योगपतियों के एमओयू को सराहनीय बताया।
हालांकि उन्होंने इसे धरातल पर उतारने के लिए सरकार से ईमानदारी से काम करने की उम्मीद जताई। उन्होंने कहा कि कुछ कंपनियों ने हिमाचल में होटलों के निर्माण के लिए निशुल्क जमीन मांगी है।
सरकार को हिमाचलवासियों के हित में इन होटलों में आरक्षण और रियायतों की व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में भाजपा सरकार की नाकामियों का कांग्रेस करारा जवाब देगी। जनहित के लिए कांग्रेस को आंदोलन भी करना पड़ा तो इससे परहेज नहीं किया जाएगा।