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डॉक्टरों से लेकर सफाई कर्मी तक को सम्मानित करेगी हिमाचल सरकार, विधानसभा में मंत्री ने किया एलान

Sat, 20 Mar 2021 06:59 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
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स्वास्थ्य मंत्री डॉ. राजीव सैजल - फोटो : अमर उजाला
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कोविड काल में परिवार से महीनों दूर रहकर सेवाएं देने वाले डॉक्टरों, पैरा मेडिकल स्टाफ, तकनीकी स्टाफ, सफाई कर्मियों और अल्प वेतन में काम करने वाले आउटसोर्स कर्मियों को सरकार सम्मानित करेगी। इस बात का एलान स्वास्थ्य मंत्री डॉ. राजीव सैजल ने विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान किया। नाचन से विधायक विनोद कुमार के सवाल के जवाब में मंत्री ने कहा कि सभी ने बेहतरीन काम किया है। बताया कि कुल 728 डॉक्टरों में से 225 पॉजिटिव आए और नेरचौक मेडिकल कॉलेज में तैनात रहे एक डॉक्टर ने कोरोना की वजह से दम भी तोड़ दिया। 

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विधायक ने उन डॉक्टरों का भी ब्योरा मांगा जो या तो लंबी छुट्टी पर चले गए या फिर कोविड ड्यूटी देने से बचते रहे। मांग की कि सभी को इंसेंटिवाइज भी किया जाए। साथ ही इंक्रीमेंट भी दिया जाए। इस पर मंत्री ने बताया कि इंसेंटिव दिया गया लेकिन इंक्रीमेंट पर कोई विचार नहीं है। इससे पहले मंत्री ने बताया कि प्रदेश में अभी तक 60260 केस सामने आए हैं जबकि कुल 1003 लोगों की मौत कोरोना से हुई है। वर्तमान में 1024 एक्टिव केस प्रदेश में हैं। कहा कि वैक्सीनेशन केंद्र के निर्देशों के अनुसार किया जा रहा है। आगे जैसे निर्देश आएंगे, उसके अनुसार वैक्सीनेशन किया जाएगा।

तेजी से पूरे कराएंगे विकास कार्य: जयराम
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा है कि लंबित विकास कार्यों खासकर सड़क निर्माण के कार्यों को तेजी से पूरा कराने के निर्देश दिए जाएंगे। सीएम ने दून के विधायक के सवाल के जवाब में कहा कि जारनी सुआ रोड के पूरा न होने और 1300 मीटर का पैच का काम भी पूरा कराया जाएगा।
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एफसीए के 28 और एफआरए के 54 केसों को मिली मंजूरी 
वन मंत्री राकेश पठानिया ने बताया कि जल्द ही प्रदेश सरकार को केंद्र सरकार से फारेस्ट कंजरवेशन एक्ट (एफसीए) के 28 और फारेस्ट राइट्स एक्ट (एफआरए) के 54 मामलों में मंजूरी मिल गई है। मंत्री ने यह जानकारी विधायक आशा कुमारी के एक सवाल के जवाब में दी। उन्होंने बताया कि अब इन मामलों में आदेश जारी करने के लिए सुप्रीम कोर्ट से अनुमति मांगी जाएगी क्योंकि फिलहाल सुप्रीम कोर्ट ने बिना अनुमति प्रदेश में वन भूमि में किसी तरह के कार्य पर रोक लगा रखी है। पठानिया ने बताया कि 14 दिसंबर तक भेजे गए एफसीए के 138 और एफआरए के 465 मामलों में पहले कोर्ट ने मंजूरी दे दी थी। बताया कि अभी तक पिछले दो साल में 274 मामलों में केंद्र सरकार से एफसीए के तहत मंजूरी मिल चुकी है। 

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