प्रदेश में मनमानी पर उतारू कई ट्रक ऑपरेटरों पर सरकार ने नकेल कसने की तैयारी शुरू कर दी है। नई सरकार के गठन के बाद सरकार के स्तर पर उद्योग और परिवहन विभाग की बैठक होगी, जिसमें अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी शामिल होंगे।
इसी बैठक में नए सिरे से ट्रकों का मालभाड़ा तय किया जाएगा। वीरभद्र सरकार के दौरान तीन साल से इस संबंध में बैठक ही नहीं हो सकी थी।
दरअसल, वीरभद्र सरकार के दौरान ट्रकों का मालभाड़ा तय करने के लिए होने वाली उद्योग व परिवहन विभाग की बैठक तीन साल से हुई ही नहीं। इसी का नतीजा है कि सूबे में ट्रक ऑपरेटर मनमर्जी से भाड़ा वसूल कर रहे हैं।